
मुंबई। महाराष्ट्र के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी आईएमआईएस (इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) में समय पर दर्ज की जाए, ताकि योजनाओं की प्रभावी निगरानी और सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। मंगलवार को मंत्रालय में कोल्हापुर जिले के शिरोल विधानसभा क्षेत्र में चल रही जल जीवन मिशन योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने यह निर्देश दिए।
शिरोल क्षेत्र के छह गांवों में कार्य पूर्ण, अन्य गांवों में तेजी से जारी काम
समीक्षा बैठक में बताया गया कि शिरोल विधानसभा क्षेत्र के छह गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष गांवों में योजनाओं का कार्य पूर्ण क्षमता के साथ जारी है। बैठक में विधायक राजेंद्र पाटिल यादवकर, जल संसाधन एवं स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव पराग जैन नैनुटिया तथा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री पाटील ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।
15 पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण में तकनीकी अड़चन, नया प्रस्ताव भेजने के निर्देश
मंत्री गुलाबराव पाटील ने बताया कि शिरोल विधानसभा क्षेत्र की 15 नल जलापूर्ति योजनाएं तकनीकी कारणों से अब तक हस्तांतरित नहीं हो सकी हैं। इनमें से एक योजना के लिए महावितरण से संबंधित कार्य पूरा कराने हेतु जिला नियोजन समिति को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में हरोली, नांदणी और यड्राव पेयजल योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नए दानवाड़ पेयजल परियोजना का प्रस्ताव शीघ्र भेजने तथा जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर स्थानीय समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।



