प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: पप्या शिंदे की पुलिस हिरासत 12 अक्टूबर तक बढ़ी
पुलिस का दावा— फरार आरोपी को मोबाइल-सिम और हत्या के लिए हथियार उपलब्ध कराए, दो पिस्तौल व तीन चॉपर की व्यवस्था की थी

ठाणे। शिवसेना (UBT) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी सुभाष उर्फ पप्या शिंदे की पुलिस हिरासत ठाणे की अदालत ने 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां विशेष जांच दल ने मामले की साजिश और आरोपियों के बीच संपर्क से संबंधित नई जानकारियां रखीं। पुलिस की ओर से वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेश सालवी ने अदालत में दावा किया कि पप्या शिंदे की इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वह गिरफ्तार तथा फरार आरोपियों के साथ-साथ पूर्णेकर के भी संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक शिंदे आर्थिक रूप से सक्षम था और हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल के लिए दो पिस्तौल और तीन चॉपर की व्यवस्था उसी ने की थी। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि फरार आरोपी संतोष कनौजिया उर्फ टल्ली को वारदात के बाद संपर्क बनाए रखने के लिए शिंदे ने एक नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराया था। संबंधित सिम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया था। पुलिस ने मोबाइल दुकान के मालिक और जिस व्यक्ति के नाम पर सिम दर्ज था, उनके बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, पप्या शिंदे ने पिछले लगभग छह महीनों में प्रदीप पूर्णेकर से नजदीकी बढ़ाई थी। घटनास्थल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में दोनों के मोबाइल संपर्क में रहने की जानकारी भी सामने आई है। अभियोजन पक्ष ने इन तथ्यों को आगे की पूछताछ के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। इस मामले में अब तक पप्या शिंदे, निखिल यादव और नितेश पवार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों और फरार संदिग्धों के बैंक खातों की जानकारी के लिए संबंधित बैंकों से भी संपर्क किया है। संतोष कनौजिया की तलाश में पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश के बनारस और गोरखपुर भेजे जाने की सूचना है। इस बीच बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में जांच की दिशा को लेकर सवाल उठाए और पूर्णेकर परिवार के पूरक बयान में कथित रूप से सामने आए दो राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका की जांच के बारे में जानकारी मांगी। यह बचाव पक्ष का तर्क है, पुलिस ने किसी राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता स्थापित होने की घोषणा नहीं की है। ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने कहा है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है। प्रदीप पूर्णेकर की सितंबर के अंत में ठाणे के मानपाड़ा इलाके में हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियां अब हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों के आपसी संपर्क, वित्तीय लेनदेन और हत्या के पीछे के मकसद की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
