विश्व अंतरिक्ष सप्ताह में विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, स्पेस क्विज में ‘स्पार्क्सकोडॉन’ टीम विजेता
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कला एवं शिल्प प्रतियोगिता और स्पेस बायोथॉन के दो चरण संपन्न, आज विज्ञान प्रदर्शनी में दिखेंगे नवाचारी मॉडल

झांसी, उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक ज्ञान, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। पहले दिन आयोजित कला एवं शिल्प प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रहों, तारों और ब्रह्मांड से जुड़े विषयों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनाओं में वैज्ञानिक सोच और कल्पनाशीलता का प्रभावी समन्वय देखने को मिला। दूसरे दिन स्पेस बायोथॉन के अंतर्गत स्पेस क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें स्क्रीनिंग, बजर और रैपिड फायर राउंड के माध्यम से विद्यार्थियों के अंतरिक्ष विज्ञान संबंधी ज्ञान, तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय कौशल की परीक्षा ली गई। प्रतियोगिता में स्पार्क्सकोडॉन (Sparxcodon) टीम ने प्रथम, स्लिदरिन (Slytherin) टीम ने द्वितीय और एलियन (Alien) टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता टीमों को वैज्ञानिक गतिविधियों और नवाचार से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन डॉ. बृजेन्द्र कश्यप, डॉ. अतुल मकरारिया, डॉ. विजय वर्मा और डॉ. अंजलि श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे दिन डॉ. बृजेन्द्र कश्यप, डॉ. मुकुल सक्सेना, डॉ. सत्येंद्र उपाध्याय और इंजीनियर अनुराग के मार्गदर्शन में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थी अंतरिक्ष विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े वैज्ञानिक मॉडल, पोस्टर और नवाचारी परियोजनाएं प्रस्तुत करेंगे। प्रदर्शनी में अंतरिक्ष में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका, मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाएं, अंतरिक्ष कृषि तथा जैव-पुनर्योजी जीवन-समर्थन प्रणालियों पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चिंतन, अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है।
