कांग्रेस और CJP में ‘अराजकता फैलाने की होड़’, आंदोलन पूरी तरह राजनीतिक हो गया: सीएम फडणवीस
मुख्यमंत्री का आरोप—संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर करने की कोशिश, विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के जरिए “अराजकता फैलाने की होड़” में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब छात्रों के मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक हो गया है। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के जरिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर जनता का भरोसा कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी हाथ में संविधान की प्रति रखते हैं, लेकिन उसी संविधान के तहत बनी संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करना और पुलिस को कार्रवाई के लिए उकसाना है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इसके पीछे देश में “अति-वामपंथी” राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश है और इस संदर्भ में संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर के अंतिम भाषण का उल्लेख किया। दूसरी ओर, विपक्षी दल और CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किए हैं, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रदर्शन के बाद CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
