एफ़डीए की कार्रवाई में Aciloc के नाम पर अलग दवा की सप्लाई का खुलासा, Cadila Pharmaceuticals के तीन गोदामों के लाइसेंस रद्द
पुणे, नागपुर और ठाणे में FDA की बड़ी कार्रवाई, Ranitidine की जगह Famotidine वाली दवा सप्लाई होने का मामला, निर्धारित पैक साइज के उल्लंघन का भी खुलासा

मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (FDA) ने दवाओं की बिक्री और वितरण में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद Cadila Pharmaceuticals Ltd. के पुणे, नागपुर और ठाणे स्थित तीन CFA गोदामों के बिक्री एवं वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। मंगलवार को FDA के औषध विभाग के सह आयुक्त (मुख्यालय) ने बताया कि जांच में सामने आया कि एक ही स्थापित ब्रांड नाम ‘Aciloc’ में केवल ‘+’ का निशान जोड़कर अलग सक्रिय औषधीय घटक वाली दवा बाजार में उपलब्ध कराई जा रही थी, जिससे मरीजों को गलत दवा दिए जाने का खतरा पैदा हो सकता था। FDA के मुताबिक, कंपनी की Aciloc 150 में Ranitidine 150 mg था, जबकि Aciloc 150+ में Famotidine 20 mg था। इसी तरह Aciloc 300 में Ranitidine 300 mg, जबकि Aciloc 300+ में Famotidine 40 mg था। यानी ब्रांड नाम लगभग एक जैसा होने के बावजूद दवाओं के सक्रिय घटक अलग-अलग थे। जुलाई 2026 में FDA ने कंपनी के भिवंडी (ठाणे), वडकी (पुणे) और निमजी, कलमेश्वर (नागपुर) स्थित CFA गोदामों का निरीक्षण किया था। इसके बाद संबंधित दवाओं के उपलब्ध स्टॉक की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई थी। मामले में एक और गंभीर बात सामने आई। FDA के अनुसार, पुणे विभाग के कुछ थोक विक्रेताओं ने Ranitidine वाली Aciloc 150 और Aciloc 300 का ऑर्डर दिया था, लेकिन इनवॉइस की जांच में उन्हें Famotidine वाली Aciloc 150+ और Aciloc 300+ सप्लाई किए जाने की बात सामने आई। जांच में पैकिंग नियमों के उल्लंघन का भी मामला मिला। FDA के अनुसार, Drugs and Cosmetics Rules, 1945 के Schedule P-1 के तहत Famotidine टैबलेट के लिए 14 टैबलेट का पैक निर्धारित है, लेकिन Aciloc 150+ को 30 टैबलेट और Aciloc 300+ को 20 टैबलेट के पैक में वितरित किया जा रहा था।
कंपनी ने FDA की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के 11 अगस्त 2026 के आदेश के बाद तीनों स्थानों पर नए सिरे से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। कंपनी को 21 दिन में लिखित जवाब देने और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। FDA के मुताबिक, कंपनी का जवाब और सुनवाई में दिया गया पक्ष संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों गोदामों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। FDA ने यह भी बताया कि गुजरात के खाद्य एवं औषध नियंत्रण प्रशासन ने Famotidine Tablets IP 20 mg और 40 mg की निर्माण अनुमति 2 जून 2026 से पूर्व प्रभाव से रद्द की थी। FDA का कहना है कि महाराष्ट्र में कारण बताओ नोटिस और सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण नियामकीय जानकारी उसके सामने नहीं रखी गई। निरीक्षण में Form-35 की Inspection Book उपलब्ध नहीं होने, एक्सपायर्ड दवाओं के क्षेत्र में ‘Not for Sale’ बोर्ड नहीं लगाने, कोंकण विभाग के लाइसेंस प्राप्त परिसर में सक्षम व्यक्ति के अनुपस्थित रहने और बिना सक्षम व्यक्ति के हस्ताक्षर के बिक्री इनवॉइस जारी करने जैसी अन्य कमियां भी दर्ज की गईं। महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि अलग-अलग औषधीय घटकों वाली दवाओं के नाम ऐसे नहीं होने चाहिए जिनसे मरीजों, डॉक्टरों और वितरकों के बीच भ्रम पैदा हो। उन्होंने नागरिकों से दवा खरीदते समय लेबल पर जेनेरिक नाम और दवा की स्ट्रेंथ जरूर जांचने तथा केमिस्टों से डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के मुताबिक ही दवा देने की अपील की है।
