
मुंबई। सिडको महामंडल के ‘12.5 प्रतिशत भूखंड वापसी’ के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर राज्य सरकार जल्द ही अहम कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को विधानसभा में मंत्री भरत गोगावले ने स्पष्ट किया कि यह मामला सीधे तौर पर किसानों के हित से जुड़ा हुआ है और इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। सदस्य महेश बालदी द्वारा उठाई गई चर्चा के जवाब में मंत्री गोगावले ने कहा कि सिडको परियोजनाओं के लिए किसानों ने जो सहयोग दिया है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। “अगर किसानों का सहयोग नहीं होता, तो ये प्रकल्प खड़े ही नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा।
मंत्री गोगावले ने बताया कि इस मुद्दे पर सिडको के प्रबंध निदेशक (एमडी) और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने विधानसभा में सिडको अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सदन में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और संबंधित मंत्रियों के साथ समन्वय कर उचित समाधान निकाला जाएगा।




