गोंदिया में तेंदुए की खाल की तस्करी का पर्दाफाश, DRI ने दो लोगों को पकड़ा
पुराडा गांव के पास कार्रवाई में तेंदुए की खाल बरामद, आरोपियों और जब्त खाल को वन विभाग को सौंपा

गोंदिया। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की मुंबई जोनल यूनिट ने महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में तेंदुए की खाल के कथित अवैध व्यापार में शामिल वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों के अनुसार, पुराडा गांव के पास चलाए गए ऑपरेशन में दो लोगों को पकड़ा गया और उनके पास से तेंदुए की खाल बरामद की गई। DRI के मुताबिक, दोनों व्यक्ति तेंदुए की खाल की कथित अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल थे। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान उन्हें पकड़कर तेंदुए की खाल बरामद की गई। तेंदुआ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है। DRI के अनुसार, बरामद तेंदुए की खाल को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। जब्ती की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पकड़े गए दोनों व्यक्तियों और बरामद तेंदुए की खाल को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोंदिया के नॉर्थ देओरिया रेंज के फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर को सौंप दिया गया। DRI ने बताया कि हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में वन्यजीवों की अवैध तस्करी से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की गई है। इनमें उज्जैन में तेंदुए की खाल, सिवनी में बाघ की हड्डियां, पिलरू और जगदलपुर में पैंगोलिन के शल्क तथा मैसूरु में हाथीदांत से जुड़े मामले शामिल हैं। DRI के एक अधिकारी के मुताबिक, लगातार की जा रही प्रवर्तन कार्रवाइयां वन्यजीव संरक्षण और संगठित पर्यावरणीय अपराधों से निपटने की दिशा में एजेंसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। विभिन्न राज्यों के वन विभागों और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर खुफिया सूचनाओं के आधार पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
