MPSC छात्रों को बड़ी राहत: परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी, सचिव का होगा तबादला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा के बाद कई मांगों पर सहमति, 2 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन छात्रों ने अस्थायी रूप से किया स्थगित

मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय और आश्वासन सामने आए हैं। इसके बाद छात्र प्रतिनिधियों ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की। बैठक में MPSC के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की छात्रों की मांग पर संवैधानिक प्रावधानों का मुद्दा भी उठा। संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को हटाने की निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया है। छात्रों की मांग के संदर्भ में तीन महीने के भीतर न्यायिक जांच कराकर उसके निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
बैठक में MPSC सचिव के तबादले का भी निर्णय सामने आया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन पद्धति से ही आयोजित की जाएंगी और विद्यार्थी वर्ग से चर्चा किए बिना परीक्षा पद्धति में कोई अलग निर्णय नहीं लिया जाएगा।
सरकारी भर्ती को लेकर भी छात्रों को बड़ा आश्वासन दिया गया। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लंबे समय से भर्ती नियमों में अपेक्षित बदलाव नहीं होने और हजारों पदोन्नतियां लंबित रहने के कारण रिक्त पदों को पूरी क्षमता से भरने में अड़चनें थीं। अब करीब 60 प्रतिशत विभागों के भर्ती नियम तैयार हो चुके हैं और शेष विभागों की प्रक्रिया भी जारी है। इसके बाद बड़े पैमाने पर रिक्त पद भरने की तैयारी की जा रही है। विशेष रूप से 3 जनवरी को होने वाली ग्रुप-C परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की छात्रों की मांग स्वीकार किए जाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से ग्रुप-C में रिकॉर्ड संख्या में पद उपलब्ध कराने की तैयारी का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा अभ्यर्थियों को अलग-अलग परीक्षाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत देने के उद्देश्य से ‘सिंगल कार्ड’ व्यवस्था विकसित की जाएगी। यह कार्ड मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराने तथा एक ही व्यवस्था के जरिए विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने की सुविधा देने की योजना है। भविष्य की भर्तियों को अधिक व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने तीन वर्षों की रिक्तियां एक साथ घोषित करने और जो पद सेवानिवृत्ति के कारण खाली होने वाले हैं, उनके लिए एक वर्ष पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में काम करने की बात कही है। इस संबंध में अगले एक महीने में विस्तृत कार्यक्रम तैयार किए जाने की बात बैठक में सामने आई। मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा और मिले आश्वासनों के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने 2 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की है। इससे पहले पुणे में 2 अक्टूबर को आंदोलन की अनुमति भी दी गई थी।
