बीएमसी एच/पूर्व विभाग में मैनहोल सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत

सांताक्रुज के गोलीबार रोड पर हादसा: एक कर्मचारी गंभीर घायल, ‘मर्जी’ संगठन ने ₹30 लाख मुआवजा और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

हादी अली शेख
मुंबई। देश की सबसे धनवान महानगरपालिका बीएमसी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीएमसी एच/पूर्व विभाग के सांताक्रुज इलाके में मैनहोल की सफाई के दौरान एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों को मास्क, सेफ्टी बेल्ट और ऑक्सीजन गियर जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों के बिना ही मैनहोल में उतारा गया था। घटना को लेकर सामाजिक एवं मानवाधिकार संगठन ‘मर्जी’ ने कड़ा रुख अपनाते हुए 29 सितंबर 2026 को मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर मृतक के परिवार को मुआवजा, घायल कर्मचारी को आर्थिक सहायता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि घटना 28 सितंबर 2026 की सुबह सांताक्रुज (पूर्व) स्थित गोलीबार रोड की भव्य निकेतन सोसायटी में हुई। संगठन के मुताबिक, सोसायटी परिसर में गटर/मैनहोल की सफाई के लिए कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना नीचे उतारा गया। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 47 वर्षीय संतोष गणपत काष्टे की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उनके साथ काम कर रहे 26 वर्षीय अजय ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। सामाजिक एवं मानवाधिकार संगठन ‘मर्जी’ के प्रमुख तथा मुंबई शहर जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति के सदस्य एडवोकेट मंगेश सोनावणे ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। सोनावणे का कहना है कि किसी व्यक्ति को सुरक्षा उपकरणों के बिना मैनहोल या गटर में उतारना ‘हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ की धारा 7 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिजनों को ₹30 लाख मुआवजा और घायल कर्मचारी को उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। संगठन ने मृतक संतोष काष्टे के परिजनों को तत्काल ₹30 लाख मुआवजा, घायल अजय ठाकुर को आर्थिक सहायता और मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके साथ ही बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के सफाई कार्य कराने के लिए जिम्मेदार संबंधित हाउसिंग सोसायटी और ठेकेदार के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। ‘मर्जी’ संगठन ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए पत्र की प्रतियां राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, बीएमसी आयुक्त, मुंबई उपनगर जिलाधिकारी, वाकोला पुलिस स्टेशन, बीएमसी एच/पूर्व सहायक आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी हैं। घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि कानूनी प्रतिबंधों और सुरक्षा मानकों के बावजूद कर्मचारियों को जोखिम भरे मैनहोल में पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना आखिर किसकी जिम्मेदारी पर उतारा जा रहा है? संगठन ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *