
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आज़ादी के ऐसे महान नायक हैं, जिनका नाम आते ही प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान, राष्ट्रप्रेम और देशद्रोही व देशविरोधी तत्वों के सामने कभी न झुकने का दृढ़ संकल्प स्वतः जागृत हो जाता है। उन्होंने कहा कि नेताजी भारत माता के सच्चे सपूत थे, जिनके विचार और संघर्ष आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये विचार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर गुरुवार को नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन का महानायक बताया। सीएम योगी ने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का आह्वान भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बन गया था। उनका हर शब्द स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भर देता था। “दिल्ली चलो” का उनका उद्घोष और “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” जैसे गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोहों में गर्व के साथ गाए जाते हैं। ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के भीतर और बाहर, उन्होंने जिस तरह से देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, वह अविस्मरणीय है। जर्मनी, जापान सहित कई देशों में जाकर उन्होंने भारत की आज़ादी का संदेश फैलाया, जो आज भी हम सबके लिए प्रेरणा की गाथा है। नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने बताया कि उनका जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। उच्च शिक्षा के लिए वे ब्रिटेन गए और आईसीएस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, लेकिन अंग्रेजी हुकूमत की सेवा करने के बजाय उन्होंने उसे त्याग दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विराट व्यक्तित्व, अदम्य साहस और देश के प्रति उनका अमूल्य योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने नेताजी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके श्रीचरणों में नमन किया।




