
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित नए महाराष्ट्र सदन में 10 जनवरी को आयोजित ‘हुरडा पार्टी एवं मकर संक्रांति महोत्सव’ के दौरान कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। मराठी फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता भरत जाधव के हाथों उद्घाटित इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘लाइव पेंटिंग’ और ‘कलात्मक पतंग निर्माण’ का अनोखा उपक्रम रहा। इस अवसर पर 100 से अधिक नवोदित कलाकारों और विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से दिल्लीवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह विशेष पहल ‘फाइन लाइन आर्ट अकादमी’ के प्रमुख आशीष देशमुख और स्नेहल देशमुख की संकल्पना से साकार हुई। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस अभिनव गतिविधि में प्रतिभागी कलाकारों ने ए 3 आकार के सादे कागज से आकर्षक पतंगें तैयार कीं। बिना किसी विषयगत बंधन के कलाकारों ने फ्री-हैंड शैली में रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को साकार किया। खास बात यह रही कि प्रत्येक कलाकृति के माध्यम से कलाकारों ने समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया। कार्यक्रम में शामिल कलाकारों को अकादमी की ओर से कैनवास, रंग और ब्रश सहित समस्त सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। एक ओर शेकोटी पर भुने जा रहे हुरडे की खुशबू और दूसरी ओर कैनवास पर उभरते महाराष्ट्र की ग्रामीण संस्कृति के रंग—इस अनोखे माहौल ने महाराष्ट्र सदन परिसर को जीवंत बना दिया। कलाकारों ने अपने ब्रश से खेत-खलिहानों के दृश्य और पतंगोत्सव के विविध रूपों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने इस कला उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस सफल आयोजन के लिए निवासी आयुक्त एवं सचिव आर.विमला ने आशीष देशमुख, स्नेहल देशमुख और उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर फाइन लाइन आर्ट अकादमी की ओर से निवासी आयुक्त को भगवान गणेश की सुंदर चित्राकृति भेंट की गई। इस रचनात्मक महोत्सव के माध्यम से दिल्ली के हृदय में महाराष्ट्र की मिट्टी, संस्कृति और कला की सुगंध दूर-दूर तक फैल गई, जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।




