जालना में सूखे जैसे हालात का पंकजा मुंडे ने लिया जायजा, बोलीं- किसान हिम्मत न हारें, सरकार साथ खड़ी है
बदनापुर और जालना तालुका में खेतों तक पहुंचीं पालकमंत्री, सूखी फसलों का निरीक्षण कर किसानों से की बातचीत, चारा-पानी के इंतजाम पर जोर

जालना। बारिश की कमी के कारण सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे जालना जिले के इलाकों का पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री और जिले की पालकमंत्री पंकजा गोपीनाथ मुंडे ने सोमवार को दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बदनापुर तालुका के कडेगांव, गेवराई बाजार और गोकुलवाड़ी तथा जालना तालुका के गणेशनगर क्षेत्र के खेतों में पहुंचकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उनका जालना दौरा और बदनापुर-जालना में फसल स्थिति के निरीक्षण का कार्यक्रम जिला सूचना कार्यालय ने भी जारी किया था। फसलों की स्थिति देखने के बाद पंकजा मुंडे ने कहा कि हालात गंभीर हैं, लेकिन किसानों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। राज्य सरकार सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। कडेगांव और गेवराई क्षेत्र में उनके फसल निरीक्षण की भी रिपोर्ट सामने आई है। मुंडे ने किसानों को बताया कि राहत उपायों में भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि ऋण की वसूली पर रोक और कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में रियायत जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और खेत मजदूरों को संकट से बाहर निकालने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पालकमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी और पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर योजना बनाई जा रही है। जिन क्षेत्रों में चारे की गंभीर कमी है, वहां तत्काल चारा डिपो शुरू करने तथा उपलब्ध जमीन का उचित इस्तेमाल कर चारे की व्यवस्था करने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन पात्र किसानों के बैंक खातों में किसी तरह की तकनीकी समस्या नहीं है, उन्हें सहायता राशि का वितरण तेजी से किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने और पशुधन के लिए पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराने की है।
