अस्पताल पर कार्रवाई रोकने के लिए मांगे ₹20 लाख, ₹30 हजार की रिश्वत लेते पुणे मनपा का मेडिकल अधिकारी गिरफ्तार
ACB ने क्षेत्रीय कार्यालय में बिछाया जाल; पहले ₹15 हजार लेने का भी आरोप, विश्रांतवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज

पुणे। विश्रांतवाड़ी के एक निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के बदले कथित तौर पर ₹20 लाख की रिश्वत मांगने वाले पुणे महानगरपालिका के मेडिकल अधिकारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ₹30 हजार की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुणे मनपा के नगर रोड क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत डॉ. ज्ञानेश्वर शिवराम चकोर (50), निवासी शुभ गेटवे सोसायटी, विमाननगर के रूप में हुई है। इस मामले में एक महिला डॉक्टर ने ACB से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का निजी अस्पताल विश्रांतवाड़ी के धानोरी इलाके में है। अस्पताल में कथित अनियमितताओं से संबंधित एक शिकायत पुणे महानगरपालिका के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. चकोर के पास जांच के लिए भेजी गई थी। शिकायत के मुताबिक, 18 सितंबर को डॉ. चकोर अस्पताल की जांच के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने महिला डॉक्टर से कहा कि अस्पताल की जांच कर रिपोर्ट वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को भेजनी होगी और यदि कमियां पाई गईं तो अस्पताल का पंजीकरण रद्द हो सकता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्रवाई नहीं करने के बदले डॉ. चकोर ने ₹20 लाख की रिश्वत की मांग की। आरोप है कि इसके बाद डॉ. चकोर ने महिला डॉक्टर से पहले ₹15 हजार लिए। बाद में उन्होंने महिला डॉक्टर को ₹30 हजार लेकर शनिवार, 26 सितंबर को नगर रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाया। शिकायत के आधार पर ACB की टीम ने डॉ. चकोर के कार्यालय के आसपास जाल बिछाया। जैसे ही उन्होंने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ₹30 हजार की रिश्वत स्वीकार की, ACB की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। डॉ. ज्ञानेश्वर चकोर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विश्रांतवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
