यूपी में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र, योगी ने दी बधाई

319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता और 2,372 सहायक अध्यापकों का चयन; मुख्यमंत्री बोले—शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और सामर्थ्य का करता है निर्माण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार के तहत मंगलवार को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (PGT) और सहायक अध्यापकों (TGT) को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए सफल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को बधाई दी। नियुक्ति पाने वाले 3,567 अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (PGT) और 2,372 सहायक अध्यापक (TGT) शामिल हैं। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष हैं। मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और उनकी टीम को भी बधाई दी। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बताते हुए कहा कि नवचयनित शिक्षकों के सामने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने की नहीं, बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व, संस्कार और सामर्थ्य के निर्माण की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक की भूमिका को विशिष्ट बताते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सकता है, लेकिन शिक्षक की जिम्मेदारी उससे अलग होती है, क्योंकि वह आने वाली पीढ़ियों को तैयार करता है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने राजकीय शिक्षकों के साथ शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने बेसिक शिक्षा में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के सैचुरेशन स्तर को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 96 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता मिली है। समारोह में मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन अभ्यर्थियों का चयन किया था। प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की भर्ती को एकीकृत तथा समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन अगस्त 2023 में किया गया था।

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