
नवी मुंबई। वाशी के सेक्टर-9 स्थित नूर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सचिव और 54 वर्षीय जागरूक नागरिक ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सिडको में हो रही रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ किया। उनकी शिकायत पर नवी मुंबई पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने जाल बिछाकर लोक सेवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया। बुधवार को रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जानकारी के अनुसार, नूर सोसाइटी की कार्यकारिणी समिति कुछ सदस्यों के इस्तीफे के बाद भंग कर दी गई थी और इसका प्रशासन सिडको के सहकारी समितियों के सह-पंजीयक के नियंत्रण में चला गया था। बाद में चुनाव हुए और शिकायतकर्ता दोबारा सचिव बने। विपक्ष ने उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन देकर समिति को भंग करने और वार्षिक आम बैठक देर से आयोजित करने की शिकायत दर्ज कराई। 7 अगस्त को इस मामले की सुनवाई रोकी गई थी। इसके बाद, सह-रजिस्ट्रार कार्यालय के लोक सेवकों ने शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश देने के एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। समझौते के बाद रकम 3.5 लाख रुपए तय हुई। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद 10 सितंबर को सिडको कार्यालय में जाल बिछाया और रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।




