ठाणे क्राइम ब्रांच यूनिट-5 ने 80 से 85 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर तीन आरोपियों को दबोचा, 6 चोरी के मामलों का खुलासा, ₹12.02 लाख का माल बरामद

इंद्र यादव/ठाणे। हमारे देश के शातिर चोरों का ‘टैलेंट’ भी कभी-कभी ऐसा सामने आता है कि अच्छे-अच्छे जांच अधिकारी सिर पकड़ लें। ठाणे शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-5 ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्यों पर आरोप है कि वे दिन में भीख मांगने के बहाने गलियों और सोसायटियों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते और मौका मिलते ही चोरी को अंजाम देते थे। यानी हाथ में कटोरा जरूर था, लेकिन पुलिस के मुताबिक नजर लोगों के बंद घरों पर टिकी रहती थी। पुलिस के अनुसार, लगातार सामने आ रही घरफोड़ चोरी की वारदातों की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की टीम ने घटनास्थलों और आसपास लगे करीब 80 से 85 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप कमलेशकुमार गौतम (25), निवासी भिवंडी एवं मूल निवासी उत्तर प्रदेश; राजकुमार ठाणाराम राजनाथ (20), निवासी सूरत, गुजरात तथा दक्षा जितेंद्र मारवाड़ी (20), निवासी पाली, राजस्थान के रूप में बताई गई है।
भीख के बहाने रेकी, फिर बंद मकान पर हाथ साफ!
पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में भीख मांगने के बहाने घूमते थे। इसी दौरान वे यह पता लगाते थे कि कौन-सा मकान बंद है और कहां परिवार मौजूद नहीं है। कथित तौर पर मौका मिलते ही बंद मकानों को निशाना बनाकर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिया जाता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद 6 चोरी के मामलों का खुलासा होने का दावा किया गया है। आरोपियों से 152 ग्राम सोने के आभूषण, 4 किलो 15 ग्राम चांदी, ₹2.55 लाख नकद और विभिन्न कंपनियों के 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद माल की कुल कीमत करीब ₹12.02 लाख है। अब कहानी का दिलचस्प हिस्सा देखिए—जिन गलियों में कथित तौर पर कटोरा लेकर घूमते हुए बंद घर तलाशे जाते थे, उन्हीं गलियों के CCTV कैमरे आखिरकार पुलिस के लिए सबसे बड़े गवाहनुमा सुराग बन गए। आरोपियों ने शायद बंद दरवाजों पर तो नजर रखी, मगर ऊपर लगे कैमरों को नजरअंदाज कर दिया। ठाणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट-5, वागले की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने ठाणे के अलावा अन्य शहरों और राज्यों में भी इसी तरीके से वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

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