गांधी सागर में छोड़ी गई मादा चीता ‘राधा’, मध्यप्रदेश में चीतों का कुनबा बढ़कर 56
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- चीता प्रोजेक्ट का दायरा लगातार बढ़ रहा, वन्यजीव पर्यटन से स्थानीय लोगों के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

भोपाल। मध्यप्रदेश में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के विस्तार के तहत रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता CCB-2 को छोड़ा। मुख्यमंत्री ने इसका नाम ‘राधा’ रखा। इसके साथ गांधी सागर में चीतों की संख्या चार हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का दिन बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट चीता’ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर, घड़ियाल और गिद्ध संरक्षण के लिए भी अपनी पहचान रखता है। प्रदेश में चीतों की कुल संख्या अब 56 हो गई है। इनमें 53 चीते कूनो नेशनल पार्क और तीन गांधी सागर में थे; नई मादा चीता को गांधी सागर भेजे जाने के साथ वहां संख्या चार हो गई। हाल ही में कूनो में भारतीय धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिसके बाद कुल संख्या 56 पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वनांचल की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए वन्यजीवों के पुनर्स्थापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
