
नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। ज़िले के 93 राजस्व मंडलों में से 69 में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिनमें कंधार और मलकोली मंडलों में सर्वाधिक 284.50 मिमी बारिश हुई। अब तक 5,000 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है, जबकि लगभग 1,500 लोग बाढ़ग्रस्त इलाकों में फँसे हुए हैं। गोदावरी, मनार, मंजरा और लेंडी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और ज़िला कलेक्टर के साथ संपर्क बना हुआ है। उन्होंने सभी प्रणालियों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। छत्रपति संभाजीनगर से सेना की एक टुकड़ी भी बुला ली गई है और आज सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। तेलंगाना में भी भारी बारिश के कारण निज़ामसागर और पोचमपाद बांधों से छोड़े गए पानी और बैकवाटर से बिलोली, देगलुर, धर्माबाद और मुखेड़ तालुकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्यभर में भारी बारिश और बाढ़ के चलते छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नांदेड़ ज़िले में पांच लोग लापता हैं। मौसम विभाग ने दक्षिण कोंकण-गोवा और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। उत्तर कोंकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के घाट क्षेत्रों में भी भारी बारिश, 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।