हथौड़ा लेकर स्कूल की दीवार जांचने उतरे डीएम, निर्माण में मिली खामियों पर जताई नाराजगी

₹132.77 लाख से बन रहा राजकीय हाईस्कूल भवन 80% तैयार; दीवार, बीम, कास्टिंग और ईंटों की गुणवत्ता में मिली कमियां, डीएम गौरांग राठी ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। विकासखंड बामौर के ग्राम डुमरई में ₹132.77 लाख की लागत से बन रहे राजकीय हाईस्कूल भवन की गुणवत्ता परखने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी खुद हथौड़ा लेकर दीवार जांचने उतर पड़े। निरीक्षण के दौरान एक कक्षा-कक्ष की दीवार के कुछ हिस्से की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया संतोषजनक नहीं मिली। एक बीम से सरिया निकला मिला, जबकि भवन के ऊपरी हिस्से की कास्टिंग में भी कमियां सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए। समग्र शिक्षा के अंतर्गत बन रहे राजकीय हाईस्कूल भवन का निर्माण यूपी सिडको द्वारा कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने जिलाधिकारी को बताया कि परियोजना की स्वीकृत लागत ₹132.77 लाख है और निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। फिलहाल करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। भवन में कक्षा-कक्षों के अलावा विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, प्रधानाचार्य कक्ष, कार्यालय, कम्प्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को केवल देखकर औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि स्वयं हथौड़े से दीवारों की मजबूती और गुणवत्ता परखी। इस दौरान एक कक्षा-कक्ष की दीवार के कुछ हिस्से की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया। बीम से सरिया बाहर निकला होने और ऊपरी हिस्से की कास्टिंग में कमियां मिलने पर भी तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कक्षा-कक्षों में लगाई गई खिड़कियों और जालियों की भी जांच की। जाली की मोटाई डीपीआर के अनुरूप मिली, लेकिन उसकी फिक्सिंग और वेल्डिंग की फिनिशिंग संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में दोयम दर्जे की गुणवत्ता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। टॉयलेट ब्लॉक के निरीक्षण में इस्तेमाल की गई कुछ ईंटों की गुणवत्ता भी प्रथमदृष्टया निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिली। जिलाधिकारी ने मानकविहीन सामग्री का इस्तेमाल नहीं करने और निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही लगाने के कड़े निर्देश दिए। भवन के एक कक्ष की दीवार में नमी दिखाई देने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने भवन को भविष्य में सीलन और नमी से बचाने के लिए प्रभावी उपाय करने तथा छत पर ब्रिक कोबा के माध्यम से वॉटरप्रूफिंग का काम जल्द पूरा कराने को कहा। विद्यालय भवन और परिसर की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने चहारदीवारी के बारे में भी जानकारी ली। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि स्वीकृत परियोजना में चहारदीवारी का प्रावधान नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय की जमीन की सुरक्षा को जरूरी बताते हुए निर्धारित प्रावधानों के तहत ग्राम निधि से नियमानुसार तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों को तत्काल दूर कराते हुए भवन का निर्माण निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्माण की लगातार निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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