गोवा के लग्जरी विला से चल रहा था ₹400 करोड़ का साइबर फ्रॉड रैकेट, मुंबई पुलिस ने 7 को दबोचा
दुबई से मिलते थे निर्देश, खुद के ऐप से कई बैंक खातों में घुमाया जाता था पैसा; गुजरात के रहने वाले हैं सभी आरोपी

मुंबई। मुंबई पुलिस ने गोवा के एक लग्जरी विला से कथित तौर पर संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के जरिए देशभर में लोगों से करीब ₹400 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी किए जाने की आशंका सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, गिरफ्तार सातों आरोपी गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर के रहने वाले हैं। इनकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ महीनों से गोवा में अलग-अलग विला किराए पर लेकर वहीं से कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क संचालित कर रहे थे। इस नेटवर्क का सुराग मुंबई के मलाड से पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिला। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी एक रिहायशी सोसाइटी से काम कर रहे थे और साइबर धोखाधड़ी से हासिल रकम को ट्रांसफर करने के लिए कथित तौर पर ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराते थे। पूछताछ में गोवा से संचालित बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने वहां कार्रवाई की।
दुबई में बैठा मास्टरमाइंड, गोवा से चलता था पैसों का नेटवर्क
जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपियों को कथित तौर पर दुबई में बैठे मास्टरमाइंड से निर्देश मिलते थे। इसके बाद साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग चरणों में ट्रांसफर किया जाता था, जिससे पैसों की वास्तविक आवाजाही का पता लगाना मुश्किल हो सके। पुलिस का दावा है कि आरोपी इस काम के लिए खुद विकसित किए गए एक ऐप का भी इस्तेमाल करते थे। जांच एजेंसियां अब इस ऐप, उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही हैं। पिछले महीने भी मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर फ्रॉड की जांच के सिलसिले में गोवा के एक अन्य विला पर इसी तरह की कार्रवाई की थी। दोनों मामलों के तौर-तरीकों में समानता जरूर सामने आई है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे दोनों गिरोहों के बीच सीधा संबंध स्थापित किया जा सके। मुंबई पुलिस अब कथित तौर पर दुबई से नेटवर्क संचालित करने वाले मास्टरमाइंड और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही ₹400 करोड़ की संदिग्ध रकम से जुड़े बैंक खातों और लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
