महाराष्ट्र के कृषि कारोबार को नई रफ्तार देगा ‘मैग्नेट 2.0’, मुंबई में जुटेंगे 200 से अधिक निवेशक
कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स में निजी निवेश पर जोर, किसानों को बेहतर बाजार और निर्यात से जोड़ने की तैयारी

मुंबई। महाराष्ट्र में किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बुधवार, 16 सितंबर को मुंबई में ‘मैग्नेट एग्रीबिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर मीट’ का आयोजन किया जाएगा। राज्य के विपणन मंत्री एवं महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष जयकुमार रावल ने विश्वास जताया है कि यह पहल महाराष्ट्र के कृषि-व्यवसाय क्षेत्र को नई दिशा देगी। रावल ने कहा कि किसानों की उपज को व्यापक बाजार, गुणवत्तापूर्ण प्रोसेसिंग सुविधाएं और आधुनिक कृषि बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना मैग्नेट 2.0 परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। इसके जरिए कृषि-व्यवसाय में निजी निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। एशियाई विकास बैंक की वित्तीय सहायता से संचालित महाराष्ट्र एग्रीबिजनेस नेटवर्क (MAGNET) परियोजना के तहत प्रमुख फल एवं कृषि उत्पादों के लिए उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, भंडारण, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग तक एकीकृत वैल्यू चेन तैयार की जा रही है। परियोजना के विस्तारित चरण में अंगूर, पपीता, हल्दी, अंजीर, सहजन, टमाटर, अदरक और कटहल को भी शामिल किया गया है। मैग्नेट 2.0 के तहत ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर बड़े कृषि-व्यवसाय बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्ताव है। सरकार का दावा है कि इससे कृषि उपज की बर्बादी कम करने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, मूल्यवर्धन के अवसर बढ़ाने और निर्यात बाजार तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। किसान, उत्पादक संगठन, प्रोसेसिंग उद्योग, निर्यातक और रिटेल क्षेत्र को एक ही वैल्यू चेन से जोड़ने की भी योजना है। निवेशक सम्मेलन में कृषि-व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, बैंकिंग एवं वित्त, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन में महाराष्ट्र के संभावित कृषि क्लस्टर, निवेश के अवसर और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं पर उद्योग जगत के साथ चर्चा की जाएगी। रावल के अनुसार सम्मेलन से मिलने वाले सुझावों के आधार पर प्राथमिकता वाले कृषि क्लस्टर, वैल्यू चेन, आवश्यक बुनियादी ढांचे और निवेश के स्वरूप को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया जाएगा। विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र को केवल कृषि उत्पादन करने वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, मूल्यवर्धन, आधुनिक भंडारण, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स और निर्यात योग्य कृषि-व्यवसाय के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निवेशक सम्मेलन से कृषि क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ किसानों की उपज को अधिक मूल्य मिलने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
