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यूपी में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की नई सुविधा, लोहिया संस्थान में यूनिट का लोकार्पण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह में ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट सहित कई नई चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने घोषणा की कि संस्थान में जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाएगी। समारोह में विभिन्न 194 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का परिणाम है कि नए टेक्नीशियन और फैकल्टी सदस्यों को सार्वजनिक मंच से सम्मानजनक ढंग से नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। इस दौरान संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महज छह वर्षों में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने चिकित्सा, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सा संस्थान को वास्तविक अर्थों में उत्कृष्टता का केंद्र बनाने के लिए हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी को साथ लेकर चलना होगा। मौजूदा दौर टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन का है और चिकित्सा संस्थानों को इसी दिशा में आगे बढ़ना होगा। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 85 मेडिकल कॉलेज और दो AIIMS संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार MBBS की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं, जबकि PG की सीटों की संख्या 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई है। प्रदेश में 26 नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं और 33 अन्य निर्माणाधीन हैं। उन्होंने इन्हें प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय करीब तीन गुना हुई है। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है और उत्तर प्रदेश विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। कोविड काल का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि उस दौर में भारत ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता का परिचय पूरी दुनिया को दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय वैज्ञानिकों ने कम समय में कोविड-19 के टीके विकसित किए और भारत ने अपने नागरिकों के टीकाकरण के साथ कई मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती क्षमता का उदाहरण बताया।

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