₹4 लाख में साइबर ठगों को बेचते थे करंट बैंक अकाउंट, इंदौर में गिरोह का पर्दाफाश
ATM-डेबिट कार्ड और लिंक सिम की पूरी किट देने का आरोप; एक खाते में मिला करीब ₹1.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन, तीन गिरफ्तार

इंदौर, मध्य प्रदेश। साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए कथित तौर पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का विजयनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह करंट बैंक अकाउंट को करीब ₹4 लाख में साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराता था। खाते के साथ ATM/डेबिट कार्ड और उससे लिंक सिम कार्ड भी दिए जाने का आरोप है। पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0 के तहत मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अरबाज खान निवासी रजत नगर बड़ला, नदीम खान निवासी हाजी कॉलोनी खजराना और सलमान निवासी रोशन नगर, झलारिया रोड खजराना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर संचालित बैंक खातों को आर्थिक और साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोगों तक पहुंचाते थे। बैंक खाते के साथ ATM/डेबिट कार्ड और लिंक मोबाइल सिम की पूरी किट कथित रूप से दी जाती थी, ताकि साइबर फ्रॉड से हासिल रकम का लेन-देन किया जा सके। जांच के दौरान ऐसे खातों में बड़ी रकम के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक एक करंट अकाउंट में ही करीब ₹1.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। अन्य खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने कितने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए, इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा इन खातों के जरिए किन साइबर अपराधों की रकम का लेन-देन हुआ। पुलिस को जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों के खुलासे की संभावना है।
