186 एकड़ में बनेगा गोंडवाना विश्वविद्यालय का नया कैंपस, ₹1,100 करोड़ का मास्टर प्लान
गोंड वास्तुकला और आधुनिक शैली का होगा संगम; सीएम फडणवीस ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक व शोध सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

नागपुर। गडचिरोली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय का नया परिसर गोंड वास्तुकला की विरासत और आधुनिक स्थापत्य शैली के अनूठे संगम के रूप में विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वविद्यालय के नए परिसर की योजना की समीक्षा करते हुए अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर कैंपस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गडचिरोली में विश्वविद्यालय के लिए उपलब्ध 186 एकड़ भूमि पर शैक्षणिक परिसर, प्रशासनिक भवन और विद्यार्थियों के छात्रावास सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने के प्रस्तावित मास्टर प्लान का मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया गया।फडणवीस ने कहा कि गडचिरोली में औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होने के साथ विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर भी बढ़ेंगे। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करना जरूरी है। उन्होंने देश और महाराष्ट्र के उत्कृष्ट शैक्षणिक परिसरों का अध्ययन कर गोंडवाना विश्वविद्यालय के कैंपस को सर्वश्रेष्ठ परिसरों में शामिल करने की दिशा में काम करने को कहा। विश्वविद्यालय का परिसर 186 एकड़ में विकसित किया जा रहा है और निर्माण के लिए करीब 27 लाख वर्ग फुट क्षेत्र उपलब्ध है। पूरे परिसर के विकास के लिए लगभग ₹1,100 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ₹157 करोड़ मंजूर किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परिसर में विभिन्न शैक्षणिक और शोध गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाए। भवनों के डिजाइन में स्थानीय गोंड वास्तुकला की पहचान दिखाई दे और आधुनिक जरूरतों का भी समावेश हो। वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की इमारत आसपास के प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप होने के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होनी चाहिए। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संभाजी माने ने बताया कि परिसर की वास्तु शैली का विस्तृत अध्ययन करने के बाद मुख्य भवन का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित कैंपस में पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग, ऊर्जा संरक्षण, 27 शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक भवन, कृत्रिम जलाशय, करीब छह करोड़ लीटर पानी की भंडारण क्षमता और औषधीय उद्यान जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।बैठक में राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, गोंडवाना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु डॉ. श्रीराम कावळे, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संभाजी माने, अधीक्षण अभियंता सोनाली चव्हाण, वास्तुविशारद जगन्नाथ तावडेकर, विश्वविद्यालय अभियंता जितेंद्र अंबागडे और उमेश राठोड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
