भ्रष्ट अधिकारियों की रिश्वतखोरी के चलते घनसोली में बनी 5 मंज़िला अवैध इमारत

दिनेश चंद्र रावल/ ठाणे। घनसोली इलाके में अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां भूमाफिया और प्रशासन में बैठे भ्रष्ट व रिश्वतखोर अधिकारियों की मिलीभगत से अनधिकृत इमारतें तेजी से खड़ी हो रही हैं। विट्ठल आर्केड, शंकर रोड, गोठीवाली गांव, सेक्टर 30 के पास स्थित एक इमारत, जो गूगल मैप्स के इतिहास के अनुसार जनवरी 2025 में केवल 2 मंज़िला थी, वह 2026 तक बढ़कर 5 मंज़िला हो गई है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, नवी मुंबई महानगरपालिका ने अगस्त 2024 में जमीन मालिकों और निर्माण से जुड़े लोगों को कई नोटिस जारी किए थे। इसके साथ ही सिडको और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई भी की थी, तथा स्थानीय पुलिस स्टेशन में एमआरटीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य न केवल जारी रहा, बल्कि इमारत की ऊंचाई भी लगातार बढ़ती गई, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बार नोटिस और कार्रवाई के बाद भी अगर अवैध निर्माण रुक नहीं रहा, तो यह स्पष्ट रूप से प्रशासन की लापरवाही या फिर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कुछ अधिकारी कागजी कार्रवाई दिखाकर वास्तविकता में ऐसे निर्माण को संरक्षण दे रहे हैं। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों का हो रहा है, जो अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर घर खरीदते हैं, लेकिन बाद में उन्हें अवैध निर्माण के कारण कानूनी और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे जागरूक रहें और बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी इमारत में निवेश करने से बचें। घनसोली का यह मामला केवल एक उदाहरण नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध निर्माण का यह जाल और भी फैल सकता है। अब देखना यह होगा कि नवी मुंबई का प्रशासन इस पर ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाता है।




