
औरंगाबाद। औरंगाबाद के जिला सामान्य अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 20 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान विश्रांति नगर निवासी प्रियंका किरण गंगवे के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते उसकी आंतें फट गईं, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवार के सदस्य अनिल बरसावने ने बताया कि 2 जून को प्रियंका ने जिला सामान्य अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद, उसके पेट में असामान्य रूप से सूजन आना शुरू हो गया, लेकिन डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगले दिन, 3 जून को प्रियंका की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे औरंगाबाद के घाटी अस्पताल रेफर किया गया। वहाँ दो दिन तक इलाज चला और एक और आपातकालीन सर्जरी की गई, जिसमें डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उसकी आंतें फट चुकी थीं। परिजनों का आरोप है कि शुरू से ही अगर सही इलाज और ध्यान दिया गया होता, तो प्रियंका की जान बचाई जा सकती थी। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद प्रियंका की रविवार देर रात मौत हो गई। इस त्रासदी के बाद मृतका के परिवार ने जिला सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों पर आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन की योजना
प्रियंका की मौत से क्षुब्ध परिवार और स्थानीय लोग सोमवार दोपहर 12 बजे जिला सामान्य अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि प्रियंका का शव भी प्रदर्शन स्थल पर लाया जाएगा ताकि प्रशासन और आम जनता के सामने यह मामला उजागर किया जा सके। परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य चिकित्सकीय चूक नहीं, बल्कि घोर लापरवाही का मामला है, जिसकी कीमत एक युवा मां को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन बढ़ते जन आक्रोश और मीडिया की रुचि को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जांच शुरू होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर विचार किया जाएगा।




