
मुंबई। एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने एक बड़ा राजनीतिक खुलासा करते हुए दावा किया है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल शामिल हैं, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम से काफी पहले ही दोनों एनसीपी गुटों के विलय की योजनाओं से अवगत थे। जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि विलय की योजना जनवरी के मध्य में ही फाइनल हो गई थी और अगले महीने इसकी औपचारिक घोषणा की जानी थी। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी को यह तय किया गया था कि जिला परिषद चुनावों के बाद विलय की घोषणा की जाएगी। पाटिल के अनुसार, 16 जनवरी को जिला परिषद चुनावों के बाद, 8 फरवरी को विलय की घोषणा करने का फैसला किया गया था। लेकिन चूंकि मुझे दिल्ली में एक शादी में शामिल होना था, इसलिए अजित दादा ने कहा कि आप जो भी तारीख तय करेंगे, हम उस दिन विलय की घोषणा करेंगे। इसलिए हमने 12 फरवरी की तारीख तय की। पाटिल ने आगे दावा किया कि अजित पवार ने खुद अपने गुट के वरिष्ठ नेताओं को विलय के रोडमैप की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा- अजित पवार ने हमें बताया था कि उन्होंने प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और अपनी पार्टी के अन्य नेताओं को विलय की योजनाओं के बारे में बता दिया था। अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच जयंत पाटिल के इस बयान ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेताओं ने बारामती में शरद पवार के गोविंद बाग स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार, युगेंद्र पवार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की जानकारी है। हालांकि इस बंद कमरे में हुई बैठक का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे नेतृत्व परिवर्तन और पार्टी के भविष्य की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले दिन में शरद पवार ने बारामती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के खाली पद से जुड़े फैसलों से खुद को अलग रखा। सुनेत्रा पवार को पदोन्नत किए जाने की अटकलों पर उन्होंने कहा, “मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी जानकारी है, वह मीडिया रिपोर्टों के जरिए मिली है और प्रफुल्ल पटेल व सुनील तटकरे जैसे नेता फैसले लेने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इस बीच, मुंबई में सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। शपथ ग्रहण समारोह शनिवार शाम 5 बजे लोक भवन में प्रस्तावित है। यह पद अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में अचानक हुई मौत के बाद रिक्त हुआ था, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव की स्थिति पैदा कर दी है।




