
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम् में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में आज का दिन महाराष्ट्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिट में भाग लेते हुए “कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर संबोधन किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न मान्यवरों से भेंट कर अनेक सामंजस्य करार (एमओयू) किए तथा ‘कुंभदूत’ ऐप का अनावरण भी किया।
आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए ‘शिक्षा साथी’
मुख्यमंत्री ने ओपनएआई के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख क्रिस लेहान तथा रॉकेट लर्निंग के अज़ीज़ गुप्ता से मुलाकात की। इस अवसर पर राज्य की आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए एआई-आधारित ‘शिक्षा साथी’ टूल की घोषणा की गई। ओपनएआई और रॉकेट लर्निंग के साथ साझेदारी करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य बन गया है। इस पहल से लाखों आंगनवाड़ी सेविकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारतजेन टेक्नॉलॉजी फाउंडेशन के साथ करार
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और भारतजेन टेक्नॉलॉजी फाउंडेशन के बीच एआई तथा प्रशासनिक तंत्र के डिजिटलीकरण को लेकर समझौता किया गया। इस साझेदारी के तहत सूचना आदान-प्रदान, अनुप्रयुक्त अनुसंधान, प्रायोगिक परियोजनाओं और उभरते एआई क्षेत्रों में क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।एआई-आधारित विकास हेतु सर्वम एआई के साथ भागीदारी
महाराष्ट्र शासन और सर्वम एआई के बीच आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा सर्वम एआई के संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार ने की। इस सहयोग का उद्देश्य महाराष्ट्र में व्यापक और व्यावहारिक उपयोग हेतु सार्वभौम कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना का निर्माण करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कल्याणकारी योजनाओं तथा सार्वजनिक प्रशासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए मजबूत आधार तैयार किया जाएगा। साथ ही अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को गति देने तथा उभरते एआई क्षेत्रों में कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।राज्य में प्रारंभिक रूप से 20 मेगावाट क्षमता की एआई-संगत संगणकीय व्यवस्था स्थापित करने और भविष्य में इसे 50 मेगावाट तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह भागीदारी महाराष्ट्र की डिजिटल संप्रभुता को सुदृढ़ करेगी और एआई-आधारित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ॲड. आशीष शेलार भी उपस्थित थे।
एआई-आधारित प्रशासन के लिए ओपनएआई के साथ सहयोग
महाराष्ट्र शासन और ओपनएआई के बीच सामंजस्य पत्र के आदान-प्रदान कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की। यह सहयोग एआई-सक्षम प्रशासन और नवाचार के नए युग की शुरुआत का संकेत है। इस साझेदारी के माध्यम से स्मार्ट, समावेशी और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे तकनीक का लाभ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचेगा। इस सहयोग के अंतर्गत शासकीय परियोजनाओं के लिए एआई सैंडबॉक्स स्थापित किया जाएगा। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी तथा शहरी एवं ग्रामीण विकास जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में 12 एआई समाधान विकसित कर उनका प्रायोगिक क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु ‘महा ओपन स्पेस सैंडबॉक्स’ जैसी भौतिक सुविधा स्थापित करने की भी योजना है। कार्यशालाओं, हैकाथॉन और विशेषज्ञ सम्मेलनों के माध्यम से महाराष्ट्र की एआई एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के साथ सतत संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्नत क्षमताओं वाले चैटजीपीटी का उपयोग करते हुए एआई-सक्षम ऐप और वेबसाइट विकसित किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को अधिक प्रभावी और सुलभ सेवाएं प्रदान की जा सकें। साथ ही ओपनएआई की नवीन क्षमताओं का उपयोग कर चैटजीपीटी के साथ तृतीय-पक्ष सेवाओं के सहज एकीकरण पर विशेष बल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्व बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोहैन्स ज़ुट से भेंट कर कृषि क्षेत्र में परिवर्तन, एआई-आधारित सेवा वितरण प्रणाली, रोजगार सृजन तथा युवाओं के डिजिटल कौशल प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने सिंगापुर की डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन टीओ से मुलाकात कर डिजिटल प्रशासन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया।




