
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल के सहयोग से वांछित भगोड़े परमिंदर सिंह उर्फ निर्मल सिंह उर्फ पिंडी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाने में अहम भूमिका निभाई। परमिंदर सिंह पंजाब पुलिस को जबरन वसूली, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, हत्या की कोशिश और आपराधिक धमकी के मामले में वांछित था। भारत से फरार होने के बाद वह लंबे समय से भगोड़ा चल रहा था। सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (आईपीसीयू) ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, एनसीबी-अबू धाबी और पंजाब पुलिस के सहयोग से 26 सितंबर 2025 को उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की। पंजाब पुलिस की टीम उसे यूएई से भारत लाई। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 13 जून 2025 को इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद यूएई अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की। इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं, जिससे वांछित अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव हो पाती है। भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में सीबीआई काम करती है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करती है। सीबीआई ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से 130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है।




