Tuesday, March 17, 2026
Google search engine
HomeUncategorizedगुजरे जमाने के दिग्गज अभिनेता राकेश पाण्डेय का निधन

गुजरे जमाने के दिग्गज अभिनेता राकेश पाण्डेय का निधन

हिंदी और भोजपुरी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता राकेश पाण्डेय अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को सुबह 8:51 बजे, उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित अपने आवास पर 79 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। राकेश पाण्डेय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1969 में प्रदर्शित फिल्म ‘सारा आकाश’ से की थी, जो उपन्यासकार राजेंद्र यादव के उपन्यास पर आधारित थी और इसे राष्ट्रपति अवार्ड से नवाज़ा गया था।
भोजपुरी सिनेमा में अहम योगदान
1979 में आई भोजपुरी फिल्म ‘बलम परदेसिया’ ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए और उस दौर में दम तोड़ती भोजपुरी फिल्मों के अस्तित्व को पुनर्जीवित किया। इस फिल्म में राकेश पाण्डेय ने नायक की भूमिका निभाई थी, जिसने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का चमकता सितारा बना दिया।
दिलीप कुमार से हुई थी तुलना
60 के दशक में जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा, तो उनकी अभिनय शैली और व्यक्तित्व को देख उन्हें “दिलीप कुमार” कहा जाने लगा था। वहीं, राजेश खन्ना की मशहूर फिल्म ‘अमर प्रेम’ में उन्होंने आनंद बाबू (राजेश खन्ना) के साले की छोटी-सी भूमिका निभाई थी, जिसमें वे दर्शकों को प्रभावित करने में कामयाब रहे।
शिक्षा और थिएटर से जुड़ाव
1946 में हिमाचल प्रदेश में जन्मे राकेश पाण्डेय ने शमशेर हाई स्कूल, नहान से मैट्रिक करने के बाद जेआरआर कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारतेन्दु एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स से स्नातक किया और फिर इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट (पुणे) से एक्टिंग का कोर्स पूरा किया। 1966 में इप्टा से जुड़ने के बाद वे थिएटर की दुनिया में सक्रिय हो गए। बचपन से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले राकेश पाण्डेय को हिंदी, अंग्रेज़ी, ब्रजभाषा, भोजपुरी समेत देश की कई क्षेत्रीय भाषाओं का भी गहरा ज्ञान था।
सम्मान और योगदान
राकेश पाण्डेय ने बतौर नायक और चरित्र अभिनेता 80 से अधिक भोजपुरी फिल्मों में काम किया था और दो फिल्मों का निर्देशन भी किया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें चौथे भोजपुरी अवार्ड समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, भोजपुरी सिनेमा में विशेष योगदान के लिए उन्हें दादा साहब फाल्के अकादमी द्वारा दादा साहब सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह से नवाज़ा गया था।
उनकी अदाकारी और भोजपुरी सिनेमा में योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments