
कोटा, राजस्थान। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्वयं को सनातनी बताते हुए कहा है कि गौमाता के संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रविवार सुबह झलावाड़ से ब्यावर जाते समय कोटा में हैंगिंग ब्रिज के पास गौ संरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सनातन गोरक्षा सेवा समिति से जुड़े गौरक्षकों को देखकर वे रुक गईं। गौरक्षकों ने उन्हें बताया कि कोटा में मृत गायों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा है और मृत गायों की आड़ में जिंदा गायों को मारकर गौमांस बेचे जाने की गंभीर शिकायतें हैं। इस पर वसुंधरा राजे ने तीखी नाराज़गी जताते हुए कहा कि 14 दिसंबर से लोग आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता चुस्त है और अफसर सुस्त हैं, ऐसा नहीं चलेगा।” मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही कोटा रेंज के डीआईजी राजेंद्र गोयल और एसपी तेजस्विनी गौत्तम को बुलाया और पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दोषियों को दंडित किया जाएगा और गौमाता का अंतिम संस्कार विधि-विधान से, सम्मानपूर्वक किया जाएगा।



