
इंद्र यादव
पालघर। वसई इलाके में पुलिस ने तत्परता और तकनीकी दक्षता का शानदार उदाहरण पेश करते हुए महज दो घंटे के भीतर 26 तोला सोने के गहने बरामद कर असली मालिक को सुरक्षित सौंप दिए। इस कार्रवाई से न सिर्फ एक परिवार की जीवनभर की कमाई बची, बल्कि वसई पुलिस के ‘फ्रेंडली’ और ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की भी सराहना हो रही है। घटना वसई क्षेत्र की है, जहां 42 वर्षीय लिनेट एशली अल्मेडा लगभग 260 ग्राम (26 तोला) सोने के गहने लेकर जा रही थीं, जिनकी बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है। जल्दबाजी में उन्होंने अपनी मोपेड पार्क करते समय बड़ी चूक कर दी। गहनों से भरा बैग उन्होंने अपनी मोपेड की बजाय पास में खड़ी बिल्कुल उसी रंग और मॉडल की दूसरी मोपेड की डिक्की में रख दिया। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी मोपेड की डिक्की खोली, तो वह खाली मिली। गहने गायब देख वह घबरा गईं और तुरंत वसई पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वसई अपराध शाखा तुरंत सक्रिय हो गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और पार्किंग क्षेत्र के आसपास के सभी संभावित रास्तों पर नजर रखी। फुटेज खंगालने पर स्पष्ट हुआ कि गहनों वाला बैग गलती से किसी दूसरी मोपेड की डिक्की में रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए उस मोपेड की नंबर प्लेट ट्रेस की और कुछ ही समय में उसके मालिक का पता लगा लिया।पुलिस ने जब मोपेड मालिक से संपर्क किया, तो वह भी हैरान रह गया। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसकी गाड़ी की डिक्की में लाखों रुपये के गहने रखे हैं। पुलिस ने तुरंत गहनों को सुरक्षित कब्जे में लेकर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और दो घंटे के भीतर गहने उनके असली मालिक लिनेट अल्मेडा को सौंप दिए। गहने वापस मिलने पर राहत की सांस लेते हुए लिनेट अल्मेडा ने कहा- मुझे लगा था कि अब ये गहने कभी नहीं मिलेंगे, लेकिन वसई पुलिस ने जिस तेजी और ईमानदारी से काम किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्क करते समय और कीमती सामान रखते वक्त पूरी सावधानी बरतें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। वसई पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर भरोसा मजबूत हुआ है कि सतर्कता और तकनीक के सही इस्तेमाल से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है।




