
ठाणे। ठाणे के दिवा इलाके में पानी के बढ़े हुए बिलों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने ठाणे नगर निगम के वॉटर सप्लाई विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनसे के शहर सचिव प्रशांत प्रभाकर गावड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि नागरिकों को अत्यधिक और गलत पानी के बिल दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि पुराने भरे हुए बिलों की रीडिंग को दोबारा जोड़कर और गलत मीटर रीडिंग दिखाकर आम लोगों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। पार्टी ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक नागरिक को पहले 1 लाख 96 हजार रुपये का बिल दिया गया, जिसे बाद में संशोधित कर 87 हजार रुपये कर दिया गया। इस तरह के मामलों से बिलिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मनसे ने यह भी कहा कि एक ओर बजट में टैक्स न बढ़ाने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर गलत बिलों के माध्यम से नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की गड़बड़ियां नहीं रुकीं, तो दिवा वॉटर सप्लाई विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। साथ ही, मनसे ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका पानी का बिल असामान्य रूप से ज्यादा आया है, तो वे अपने मीटर की रीडिंग स्वयं जांचें और संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है और अब सभी की नजर ठाणे नगर निगम की कार्रवाई पर टिकी है।




