
मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे की भूख हड़ताल जारी है और आज़ाद मैदान में उनके समर्थन में भारी भीड़ जुट रही है। इस बीच, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को सीधा संदेश दिया। ठाकरे ने कहा कि दस लोगों से राय लेने के बजाय सरकार को सीधे प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए और समस्या का समाधान खोजना चाहिए। एक सवाल के जवाब में ठाकरे ने कहा- अब मेरी राय का कोई मतलब नहीं है। मैंने अपनी बात अंतरवाली सभा में रखी थी। अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि इस मुद्दे को संभाले और हल निकाले।” मनोज जरांगे द्वारा दोनों उपमुख्यमंत्रियों की प्रशंसा और मुख्यमंत्री की आलोचना पर ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अगर उन्हें किसी से अनुभव हुआ है तो वे कहेंगे ही। लेकिन जिन्होंने उनकी तारीफ़ की, उन्होंने ही उन्हें पहले धोखा दिया था। वे ढाई साल मुख्यमंत्री रहे, अब एक साल से उपमुख्यमंत्री हैं, फिर भी न्याय क्यों नहीं मिल रहा? यही सरकार टोल-ब्याज वालों के पास जा रही है। संभावित विरोध प्रदर्शनों के उग्र होने के सवाल पर ठाकरे ने स्पष्ट किया कि ये आंदोलनकारी आतंकवादी नहीं हैं बल्कि न्याय की मांग कर रहे मराठी लोग हैं। उन्होंने कहा, “सरकार अगर उन्हें निराश करती है, तो विघ्नहर्ता को उनके संकट का समाधान करना चाहिए।