
मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद उदयनराजे भोसले ने प्रमुख ऐतिहासिक हस्तियों के खिलाफ हो रहे अपमानजनक बयानों को लेकर केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान को रोकने के लिए एक विशेष कानून बनाया जाए, जिससे ऐसे मामलों में गैर-जमानती अपराध के तहत कम से कम 10 साल की सजा दी जा सके। उदयनराजे भोसले ने कहा कि 12 अप्रैल, जो शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि है, उस दिन अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा रायगढ़ किले में इस कानून को लेकर कोई अहम घोषणा हो सकती है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक और जनभावनाओं के अनुरूप कदम बताया। भोसले ने कहा कि शिवाजी महाराज की बार-बार हो रही बदनामी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो जन आक्रोश बढ़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब बार-बार ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं, तो क्या सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है? उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे एक विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा करें और तत्काल प्रभाव से एक ठोस कानून पारित करें। सांसद भोसले ने राज्य सरकार से यह भी अनुरोध किया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों की सटीक व्याख्या कर शिवाजी महाराज और मराठा साम्राज्य का प्रमाणिक इतिहास प्रकाशित किया जाए। उन्होंने कहा कि इतिहास की गलत व्याख्या करने वाले लोग समाज में विवाद और विभाजन फैलाते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। भोसले की यह पहल ना सिर्फ छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान की रक्षा के लिए है, बल्कि उन तमाम ऐतिहासिक नायकों के लिए एक सख्त कानूनी सुरक्षा कवच तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।




