
मुंबई। महाराष्ट्र में साइबर और निवेश ठगी के गंभीर मामले सामने आए हैं। रत्नागिरी जिले के दापोली में एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर 1 करोड़ 23 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि सांगली में एक भाई-बहन को निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठग लिए गए। दापोली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विश्वविद्यालय, दापोली में एक्सटेंशन एजुकेशन के निदेशक पद से सेवानिवृत्त डॉ. मकरंद जोशी से 4 नवंबर से 19 जनवरी के बीच आकाश शर्मा, शिवप्रकाश और दया नाइक नामक तीन लोगों ने फोन पर संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को बेंगलुरु और नई दिल्ली के सीबीआई अधिकारी बताते हुए दावा किया कि डॉ. जोशी का केनरा बैंक (माटुंगा, मुंबई) खाता 3 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल है। इसके बाद उन पर 50 लाख रुपये जुर्माना और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर दबाव बनाया गया। डर के माहौल में आरोपियों के कहने पर डॉ. जोशी ने एक्सिस बैंक (तुलजापुर), आईडीएफसी बैंक (मुंबई) और आईसीआईसीआई बैंक (वाशी, नवी मुंबई) के खातों में किस्तों में कुल 1.23 करोड़ रुपये जमा कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने दापोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, सांगली में निवेश घोटाले का एक और मामला सामने आया है। यहां एक भाई-बहन को 45 दिनों में 12 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर 20 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित गणेश प्रकाश सावंत ने सांगली सिटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, पंचमुखी मारुति रोड, लालगे गली, खानभाग निवासी नितिन शंकर यादव और अश्विनी नितिन यादव पर धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों की तलाश कर रही है और नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट की धमकी या ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और सतर्क रहें।




