
मुंबई। महाराष्ट्र के पुणे के एसटी कॉर्पोरेशन डिपो में महिला से रेप की घटना के बाद परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक्शन मोड में आ गए हैं और राज्य के सभी बस स्टेशनों और डिपो की सुरक्षा जांच (सिक्योरिटी ऑडिट) तुरंत कराने और 15 अप्रैल तक बेकार पड़ी बसों व जब्त वाहनों को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महिला यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महिला सुरक्षा रक्षकों (गार्डों) की संख्या बढ़ाने के भी आदेश दिए हैं। यह निर्देश परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) संजय सेठी, परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार, सहसचिव राजेंद्र होलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्यभर के एसटी बस स्टेशनों और डिपो में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित आधुनिक सीसीटीवी प्रणाली लगाई जाए, नई बसों में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगाया जाए तथा पुलिस की मदद से बस स्टेशनों पर गश्त बढ़ाई जाए। डिपो प्रबंधकों को परिसर में ही रहकर 24 घंटे निगरानी करने, सभी एसटी कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने और हर आने-जाने वाली बस का सुरक्षा रक्षकों के पास पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि हर बस स्टेशन पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें, विशेष रूप से महिलाओं के लिए स्वच्छ, बड़ी और उचित शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, राज्य परिवहन महामंडल में मुख्य सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी के रिक्त पद पर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।




