
मुंबई। दहिसर टोल प्लाजा पर भारी ट्रैफिक जाम को लेकर प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर स्थानीय विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने गुरुवार को मौके का दौरा किया और ठेकेदार को घटिया प्रबंधन के लिए फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी का मुख्य कारण है और इसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए। इस अवसर पर नगर आयुक्त संजय काटकर, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए), यातायात विभाग और क्षेत्रीय यातायात कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारी भी मौजूद थे। सरनाईक ने टोल संग्रह एजेंसी के प्रतिनिधियों को यातायात प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए तीन दिन की समय-सीमा दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि कॉम्पैक्ट बैरिकेड्स लगाए जाएं और छूट प्राप्त तथा गैर-छूट प्राप्त वाहनों के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएं, ताकि भीड़-भाड़ कम हो और यातायात निर्बाध रूप से चले। सरनाईक ने कहा, मैंने तीन दिन की समयसीमा के साथ आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मैं सोमवार को फिर से मौके पर जाऊंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि ठेकेदार ने सुधारात्मक उपायों का पालन किया है या नहीं। अगर नहीं किया गया, तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। बता दें कि पिछले साल 15 अक्टूबर को पूर्ववर्ती एकनाथ शिंदे सरकार ने दहिसर टोल प्लाजा समेत मुंबई के सभी पांच टोल बूथों पर हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के लिए पूर्ण टोल छूट दी थी। इसका उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और टोल प्लाजा पर यातायात जाम की स्थिति को ठीक करना था। हालांकि, टोल ठेकेदार द्वारा कुप्रबंधन के कारण दहिसर टोल प्लाजा के आसपास यातायात जाम की समस्या बनी रही।
इससे जुड़ी एक अन्य घटना में, सरनाईक ने एमएमआरडीए अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग पर एसकेस्टोन और गोल्डन नेस्ट में निर्माणाधीन दूसरे और तीसरे फ्लाईओवर-ब्रिज का काम समय से पूरा करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन फ्लाईओवरों को क्रमशः शिव जयंती (19 फरवरी, 2025) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त, 2025) तक वाहनों के लिए खोला जाए।
उपचारात्मक उपाय: मुंबई की ओर जाने वाले राजमार्ग पर केवल तीन कतारें और भारी वाहनों के लिए दो कतारें आरक्षित की जाएं। आरक्षित कतारों के बारे में सूचना देने वाले बोर्ड 500 मीटर की दूरी पर दोनों ओर लगाए जाएं।
मंत्री ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 तक मेट्रो रेल सेवाएं शुरू करने का प्रयास जारी है। मेट्रो-9 रेल डबल डेकर वायडक्ट, दहिसर-मीरा रोड-भायंदर के बीच 10.41 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जिसमें आठ स्टेशन होंगे।




