
मुंबई। मुंबई में 2 अक्टूबर को बड़े जश्न के लिए तैयार है, क्योंकि इस दिन दशहरा, विजयादशमी, नवरात्रि और गांधी जयंती एक साथ मनाई जाएंगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने लगभग 19,000 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए हैं और एक विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की है।
त्योहार और भीड़ का अनुमान
देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राजनीतिक दशहरा रैलियों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यह दिन साल के सबसे व्यस्त त्योहारों में से एक माना जा रहा है। सुरक्षा प्रबंधन पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन और संयुक्त पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) की सीधी निगरानी में किया जा रहा है। शहर में सात अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, 26 डिप्टी कमिश्नर, 52 असिस्टेंट कमिश्नर, 2,890 पुलिस अधिकारी और 16,552 कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।
विशेष सुरक्षा यूनिटें सक्रिय
भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ), रैपिड रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण टीम, डेल्टा फोर्स, कॉम्बैट यूनिट, होम गार्ड, बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वाड जैसी विशेष यूनिटों को भी तैनात किया गया है।
शिवसेना गुटों की दशहरा रैलियाँ
इस साल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना अपनी वार्षिक दशहरा रैली गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित करेगी। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) दादर के शिवाजी पार्क में अपनी पारंपरिक रैली करेगी। दोनों स्थानों पर लाखों समर्थकों के जुटने की संभावना है, इसलिए भीड़ नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है।
ट्रैफिक व्यवस्था और नागरिकों से अपील
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने भीड़भाड़ से बचने और जुलूसों के सुचारू संचालन के लिए यातायात मार्गों और डायवर्जन में बदलाव किए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करें, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 100 या 112 पर सूचना दें।




