
भूपेंद्र सिंह/उन्नाव, उत्तर प्रदेश। क्षेत्र के ब्लॉक संसाधन केंद्र नसिरापुर में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण हेतु नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ना केवल शिक्षक की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। एआरपी राजकुमार द्विवेदी ने प्रतिभागियों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संशोधित परिभाषा से अवगत कराया इसके अनुसार 6 से 14 वर्ष आयु का वह बालक या बालिका जो विद्यालय में नामांकित होने के बावजूद एक शैक्षिक सत्र में तीस संचयी दिनों में अनुपस्थित रहा हो या वार्षिक मूल्यांकन में पैंतीस प्रतिशत से कम अंक अर्जित किए हो ऐसे बच्चे ड्रॉप आउट माने जाएंगे और उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षक पीयूष सिंह ने ड्राप आउट बच्चों की पहचान, नामांकन प्रक्रिया, नवीन शिक्षण अधिगम विधियां, बाल मनोविज्ञान तथा नियमित रूप से ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के तौर तरीको के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षक वंदना पाल ने आउट ऑफ स्कूल बच्चों को बुनियादी भाषा एवं गणित को बच्चों को पढ़ाने के बारे में बताया। इस अवसर पर महेंद्र कुशवाहा, सेविना दीक्षित, दिनेश वर्मा , निजाम अहमद ,अवधेश यादव, अर्चना देवी , रचना गुप्ता, सीमा, कोमल यादव,कविता कटियार, अनिल कुमार सिंह, अरुण वर्मा, करन सिंह,राम नरेश सहित एक सैकड़ा प्रतिभागी शिक्षक मौजूद रहे।




