Tuesday, March 10, 2026
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गाजा में खुशी का माहौल, ट्रंप की बेहद गिरी सोच!

एक कहावत हैं दुष्ट या धूर्त व्यक्ति जिस थाली में खाता है, उसी में छेद कर देता है, लेकिन नाशुक्रा इजरायल पर दूसरी कहावत सटीक बैठती है– वह जिस थाली में खाता है, उसे ही तोड़ डालता है। जर्मन तानाशाह द्वारा लाखों यहूदियों के कत्लेआम के कारण दर-ब-दर हुए यहूदी फिलिस्तीन में बसाए गए, जिस पर ब्रिटिश ने उसी तरह कब्जा किया था, जैसे भारत सहित तमाम राष्ट्रों पर। उसमें यहूदियों को फिलिस्तीनियों का हक छीनकर रहने के लिए दे दिया, जैसे चीन अपने पड़ोसी राष्ट्रों की जमीन धीरे-धीरे कब्जा करता रहता है। आज भी वह दस वर्षों में अरुणाचल और लद्दाख में भारतीय भूमि पर कब्जा जमा लिया है। 1962 में भारत लुटा-पिटा, मजबूर देश था, लेकिन आज भारत मजबूत ही नहीं शक्तिशाली भी हुआ है। उसी तरह इजरायल फिलिस्तीन को अपने कब्जे में लेने के लिए बेकसूर फिलिस्तीनी स्त्रियों, बच्चों तक को बमबारी कर मार डाले। ग़ज़ा पट्टी में बहादुर युवा हमास नाम से सैनिक संगठन चलाते हुए इजरायल में घुसकर हमला किया और कई इजरायलियों को बंदी बना लिया। इजरायल और देश के बाहर इजरायली पीएम नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन किए गए। युद्धोन्मादी नेतन्याहू ने क्रूरता दिखाते हुए बेकसूर फिलिस्तीनियों की हत्याएं कीं और अस्पताल तक बर्बाद कर दिए। देशवासियों के दबाव में नेतन्याहू हमास के साथ वार्ता हेतु तैयार हुए। पहली वार्ता में तय हुआ कि दोनों एक-दूसरे के बंदी नागरिकों को रिहा करेंगे। गुरुवार सुबह ही रेडक्रॉस ने बारह बसों में भरकर बंदी फिलिस्तीनियों को ग़ज़ा लाया। कई चैनल्स कवर कर रहे थे। तिहाई तो मिली, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता सबके चेहरे पर साफ दिखाई देती रही। अल जज़ीरा चैनल द्वारा दिखाई जा रही अपनों से मिलन की तस्वीरें बेहद भावुक और रुला देने वाली रहीं। एक पिता पहली बार अपने बेटे को गले लगाया, क्योंकि जब उसे गिरफ्तार किया गया था, तो वह मां के गर्भ में था, देखने का सवाल ही नहीं उठता। छोटे भाई को बस में देख बड़ा भाई अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। खुशी तो है चेहरे पर, मगर कह रहा है – मेरा भाई कितना बदल गया है?” इजरायल अपने यातना शिविरों में बंदी बनाकर रखे फिलिस्तीनियों को टॉर्चर किया करता था। उनकी रिहाई के समय सफेद शर्ट इजरायली सैनिकों ने दी थी, जो वे पहने हुए थे। कई फिलिस्तीनी अपने परिजनों को इशारे से बता रहे थे कि अभी वे जिंदा हैं। अल जज़ीरा की इन तस्वीरों को देखकर इंसान रो देगा। फिलिस्तीनियों ने रेडक्रॉस को चार मृतकों की अस्थियां सौंपी, जिनका डीएनए टेस्ट करेगा इजरायल। एक-दूसरे के बंधकों की रिहाई के बाद दूसरी वार्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। क्या इजरायल फिलिस्तीन पर हमला करेगा? शांति बनाए रखेगा? निश्चयपूर्वक कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि नेतन्याहू के खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है, जिसमें दस साल की सजा संभव है। फिलिस्तीन आदि पर हमले केवल अपने को कानून से बचाने के लिए किए थे नेतन्याहू ने।
इसी बीच एक और एडिटेड वीडियो ट्रंप की तरफ से जारी किया गया, जो वायरल हो रहा है। जिसमें फिलिस्तीनियों की आज की स्थिति दिखने के बाद ट्रंप की कल्पना में गाजा में बड़े-बड़े भवन आदि की भव्यता दिखाई देने के साथ ट्रंप का मित्र एलन मस्क समोसा खाते दिख रहा है और ट्रंप की कल्पना में ट्रंप का सोने का स्टेच्यू ग़ज़ा में लगा हुआ दिखाई देता है। यह ट्रंप की कल्पना या शेखचिल्ली का सपना ही कहा जा सकता है। फिलिस्तीनी मरकर खत्म भले हो जाएंगे, लेकिन वे गाजा पट्टी नहीं छोड़ेंगे। संभव है इजरायल के साथ मिलकर ट्रंप फिलिस्तीन को मिटा देना चाहेंगे, हमला करके, लेकिन जिस तरह खाड़ी देशों में हालात बदल रहे हैं, ट्रंप के लिए बड़ा मुश्किल समय होगा। ईरान पर प्रतिबंध लगा रखा है अमेरिका ने। दो-चार खाड़ी देश मित्र हैं, लेकिन जिस दिन बात इस्लाम की आ जाएगी, तो सभी मुस्लिम राष्ट्र मिलकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीन और ईरान का साथ देंगे। ईरान को चीन और रूस का साथ पहले ही मिलना तय है। इसी बीच ट्रंप, जो अपनी सनक भरी घोषणाओं से दुनिया भर के तमाम देशों की अर्थव्यवस्था चौपट करने पर लगे हैं। विदेशी छात्रों को, जो अमेरिकी टॉप यूनिवर्सिटी में तकनीकी ज्ञान पाकर अपने देश लौट जाते हैं और वहां जाकर अपनी कंपनियां खोलकर अरबपति बन जाते हैं। ट्रंप को अमेरिकी अर्थव्यवस्था चौपट होती दिखने लगी है। इसलिए उन्होंने गोल्डन वीजा उन विदेशी छात्रों को अमेरिका में रोकने के लिए एक मिलियन डॉलर में कार्ड की बिक्री कर तीन ट्रिलियन डॉलर जुटाने की मंशा पाल रखी है, जिससे अमेरिकी कर्ज चुकता किया जा सके। अब सवाल यह है कि अमेरिका में 7.5 करोड़ रुपए व्यय कर दस अमेरिकियों को रोज़गार देने की शर्त कितने विदेशी छात्र पालन कर सकने की स्थिति में होंगे? इतने रुपए देकर अमेरिकी नागरिकता पाना सनक जैसा ही तो है। जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, ट्रंप की अकड़ कम होती जाएगी और कहीं अपना शेखचिल्ली का ख्वाब पूरा करने के लिए इजरायल के साथ मिलकर फिलिस्तीन गाजा पर हमला करेंगे, तब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और अधिक चौपट हो जाएगी। तब क्या करेंगे ट्रंप?

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