
रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा, ‘तीसरी मुंबई’ की पहली नगरी का शिलान्यास
दावोस। स्विट्ज़रलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डबल्यूईएफ़) की वार्षिक बैठक के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावोस दौरा राज्य और देश के लिए ज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई) आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। दौरे के दूसरे दिन ‘तीसरी मुंबई’ की पहली नगरी के रूप में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की औपचारिक घोषणा की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दावोस जैसे वैश्विक मंच से केवल पूंजी निवेश ही नहीं, बल्कि ज्ञान और तकनीक के माध्यम से उद्योगों को दीर्घकालिक आधार मिलता है। इस वर्ष शहरी नियोजन, परिवहन प्रबंधन और नवाचार आधारित क्षेत्रों में वैश्विक संस्थानों के साथ ठोस संवाद और रणनीतिक समन्वय संभव हुआ है।
रणनीतिक MoUs से होगा शहरी विकास और औद्योगिक होगा विस्तार
दावोस में महाराष्ट्र सरकार ने वैश्विक प्रतिष्ठा वाले शैक्षणिक, तकनीकी और परामर्श संस्थानों के साथ कई रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (बर्कले), टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, अर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव (लंदन), आईसीसीआई (इटली), आलॉन्ग ट्यूनिंग इंस्टीट्यूट, नॉर्वेजियन जियो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट तथा सिंगापुर की सुबाना जुरॉन्ग शामिल हैं। इन समझौतों से शहरी नियोजन, परिवहन अवसंरचना और स्मार्ट सिटी विकास को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
मेडटेक सहयोग से अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं
राज्य के अंतिम नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से मेडिकल टेक्नोलॉजी (MedTech) पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण का रोडमैप तय किया गया। साथ ही, मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने हेतु वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग समझौते किए गए।
तीसरी मुंबई में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15–20 किलोमीटर की दूरी पर विकसित होने वाला रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर ‘प्लग एंड प्ले’ और ‘रेडी-टू-स्टार्ट’ मॉडल पर आधारित होगा। यह सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) के तहत राज्य सरकार, एमएमआरडीए और निजी भागीदारों के सहयोग से विकसित किया जाएगा।
बीकेसी की तर्ज पर यहां एक आधुनिक बिजनेस डिस्ट्रिक्ट तैयार किया जाएगा, जहां उच्च वेतन वाली नौकरियां, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), फिनटेक इकोसिस्टम और ‘वॉक-टू-वर्क’ अवधारणा को बढ़ावा दिया जाएगा। इस परियोजना की घोषणा के साथ ही लगभग ₹1 लाख करोड़ के संभावित निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापन सामने आए हैं। कोरिया गणराज्य का हवाना ग्रुप, स्विट्ज़रलैंड का एसएसबी ग्रुप, अमेरिका की फेडेक्स, फिनलैंड का रिवर रिसायकल, दुबई का एमजीएसए ग्रुप, सिंगापुर की मैपलट्री और स्पेसेस, इंडोस्पेस पार्क्स तथा अमेरिका की ट्रिबेका डेवलपर्स जैसी वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।
दावोस में ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’ बना वैश्विक आकर्षण
दावोस में स्थापित मैग्नेटिक महाराष्ट्र पवेलियन निवेशकों, उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने आगंतुकों का स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुख्यमंत्री ने इंडिया पवेलियन में मुलाकात की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा के साथ महाराष्ट्र में ग्रीन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बरमूडा के प्रधानमंत्री डेविड बर्ट के साथ समावेशी विकास, हुंडई के अध्यक्ष सुंग किम के साथ ईवी नीति और नए मॉडलों, जेबीआईसी (जापान) के साथ हरित अर्बन मोबिलिटी, एपी मोलर–मर्स्क के साथ लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश, तथा फिनलैंड के साथ सर्कुलर इकोनॉमी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी, एचपी, एंटोरा एनर्जी और एमआईटी मीडिया लैब के साथ एआई, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक पर सहयोग वार्ता हुई।




