
नासिक। खुद को ज्योतिषी बताने वाले अशोक खरात की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। नासिक पुलिस ने उनके खिलाफ दो और आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनमें बलात्कार की एक नई शिकायत भी शामिल है। इसके साथ ही उनके खिलाफ दर्ज कुल मामलों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में से आठ केस बलात्कार और यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि दो मामलों में धोखाधड़ी और आर्थिक जालसाजी के आरोप हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये नई एफआईआर शुक्रवार रात सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गईं।
ताज़ा शिकायत में गंभीर आरोप
हाल की शिकायत में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि अगस्त से दिसंबर 2024 के बीच खरात ने उसके साथ चार बार यौन दुराचार किया। महिला के अनुसार, वह अपने पति के साथ नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित खरात के दफ्तर गई थी। आरोप है कि खरात ने उसके पति को बाहर बैठने के लिए कहा और फिर चैंबर के अंदर महिला को नशीला पदार्थ देकर दुराचार किया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने 18 मार्च को खरात की गिरफ्तारी के बाद ही शिकायत दर्ज कराई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
धोखाधड़ी का भी मामला आया सामने
एक अन्य मामले में राजेंद्र नानासाहेब भागवत (39), जो अहमदनगर जिले के व्यापारी हैं, ने आरोप लगाया है कि खरात ने तीन साल में उनसे 2.62 लाख रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता के अनुसार, खरात ने व्यवसाय में सफलता के लिए रत्नजड़ित अंगूठियाँ पहनने की सलाह दी थी, लेकिन बाद में पता चला कि वे रत्न नकली थे और अंगूठियाँ सोने की बजाय तांबे की थीं।
प्रभावशाली छवि से अपराध तक
अशोक खरात, जो खुद को अंकशास्त्री और ज्योतिषी बताकर कई लोगों—यहां तक कि प्रभावशाली हस्तियों—को सलाह देता था, अब बलात्कार, जबरन वसूली और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों में घिर गया है। जिला प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए खरात का हथियार लाइसेंस निलंबित कर दिया है। आयुष प्रसाद ने पुष्टि की कि उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है, जिसमें पूछा गया है कि उनका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द क्यों न किया जाए। यह कार्रवाई खरात के फार्महाउस से पांच इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद होने के बाद की गई है। अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि हथियार का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि में हुआ या नहीं। रिकॉर्ड के अनुसार, यह लाइसेंस 2014 में जारी हुआ था और 2024 में नवीनीकृत किया गया था। लगातार सामने आ रहे मामलों और तेज़ होती जांच के बीच ‘खरात मामला’ अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। इसने आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में प्रभाव के दुरुपयोग और कमजोर लोगों के शोषण को लेकर गहरी चिंताएं खड़ी कर दी हैं।




