
मुंबई। महानगरपालिकाओं के सार्वत्रिक चुनावों के लिए प्रचार की अवधि 13 जनवरी 2026 को शाम 5.30 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक, मुद्रित तथा अन्य किसी भी माध्यम से चुनाव संबंधी विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। यह जानकारी बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने दी। महानगरपालिका चुनावों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त एवं पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक में बोलते हुए आयुक्त वाघमारे ने यह जानकारी दी। बैठक में आयोग के सचिव सुरेश काकाणी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। दिनेश वाघमारे ने बताया कि महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी 2026 को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मतदान कराया जाएगा। संबंधित अधिनियम की व्यवस्थाओं के अनुसार मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व, अर्थात 13 जनवरी 2026 को शाम 5.30 बजे, सार्वजनिक प्रचार की अवधि समाप्त हो जाएगी। इसके बाद किसी भी प्रकार के चुनावी विज्ञापन का मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक प्रचार की समाप्ति के बाद मुद्रित माध्यमों में विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणन या अनुमति का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 अक्टूबर 2025 को जारी ‘चुनाव प्रयोजन हेतु मीडिया निगरानी एवं विज्ञापन प्रमाणन आदेश, 2025’ में उल्लेखित हैं। इस अवसर पर आयोग के सचिव सुरेश काकाणी ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार का नाम संबंधित महानगरपालिका की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है, जबकि प्रस्तावक और अनुमोदक का नाम उसी वार्ड की मतदाता सूची में होना आवश्यक है, जहां से उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने आगे बताया कि राजनीतिक दल के उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार, दोनों के लिए एक प्रस्तावक और एक अनुमोदक होना आवश्यक है। कोई भी उम्मीदवार एक से अधिक वार्डों से नामांकन पत्र दाखिल कर सकता है, लेकिन एक उम्मीदवार केवल एक ही वार्ड की एक सीट से चुनाव लड़ सकता है। इसके अलावा, एक सीट के लिए अधिकतम चार नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।




