
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान में मुख्य शासकीय ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने ध्वज फहराया। समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा अध्यक्ष ॲड. राहुल नार्वेकर, विधान परिषद सभापति प्रा. राम शिंदे, मंत्रीगण, मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, मुंबई आयुक्त भूषण गगराणी, पुलिस महानिदेशक रश्मी शुक्ला, तीनों सेना बलों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न देशों के राजनयिक और अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। राज्यपाल राधाकृष्णन ने राष्ट्रगीत और राज्यगीत की प्रस्तुति के बीच मानवंदना स्वीकार करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत को अमृत काल में विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महाराष्ट्र की भूमिका निर्णायक होगी। राज्य सरकार समावेशी, प्रगतिशील और कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से हर वर्ग को साथ लेकर सशक्त महाराष्ट्र की दिशा में काम कर रही है। राज्यपाल ने महाराष्ट्र में साइबर सुरक्षा, एआई नीति, हरित ऊर्जा, टेक्सटाइल, ईवी, स्टील और फार्मा जैसे क्षेत्रों में हो रहे निवेश का उल्लेख करते हुए बताया कि ₹15.72 लाख करोड़ के 63 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनसे 15.96 लाख रोजगार अवसर सृजित होंगे। गडचिरोली को स्टील हब बनाने के लिए 9 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं। उन्होंने कृषि, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा में राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे ‘माझी लाडकी बहिण’, ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’, मुफ्त सोलर पंप, किसानों के लिए वित्तीय सहायता, और दिव्यांगों के लिए ‘नमो दिव्यांग अभियान’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12.69 लाख घर पूर्ण हो चुके हैं, और दूसरे चरण में 18.47 लाख निर्माणाधीन हैं। इससे पूर्व विधान भवन परिसर में भी ध्वजारोहण समारोह आयोजित हुआ, जहां महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे ने ध्वज फहराया। इस समारोह में उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे और विधानसभा के उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पारंपरिक मराठी सनई-चौघड़ा और तुतारी के साथ गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया और हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभापति शिंदे ने महाराष्ट्र की प्रगति और समर्पित कार्य संस्कृति की प्रशंसा की। दोनों कार्यक्रमों में पुलिस, आरक्षित बल, महिला दस्ते और बैंड के साथ सजीव परेड ने समारोह को गरिमा प्रदान की। राज्यपाल का भाषण मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी मनीषा म्हैसकर ने मराठी में पढ़ा।




