
संयुक्त शिक्षा निदेशक बोले— पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन भी उतना ही जरूरी
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। वर्तमान में संचालित बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक दबाव, तनाव और चिंता को देखते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक, झांसी/चित्रकूट धाम मण्डल श्री राजू राणा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से महत्वपूर्ण अपील की है कि परीक्षा की तैयारी को केवल पुस्तकों, सिलेबस, मॉक टेस्ट और रिवीजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जाए। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कहा कि परीक्षा के दौरान अत्यधिक तनाव, घबराहट, अनिद्रा और मानसिक थकान विद्यार्थियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि थका हुआ और चिंताग्रस्त मन बेहतर परिणाम देने के बजाय बर्नआउट की स्थिति उत्पन्न करता है, जिससे छात्रों की एकाग्रता, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें, नियमित अंतराल पर विश्राम करें, समय पर भोजन करें और हल्का व्यायाम एवं सकारात्मक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई की चेकलिस्ट के साथ मानसिक स्वास्थ्य की चेकलिस्ट बनाना भी उतना ही आवश्यक है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि बच्चों, किशोरों, युवाओं, वयस्कों और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्गों को प्रभावित कर सकती हैं। परीक्षा-जनित तनाव, चिंता (एंग्जायटी), अवसाद (डिप्रेशन), अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी, पारिवारिक और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएँ आज समाज के हर वर्ग में देखी जा रही हैं। इस क्रम में उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल टेली-मानस की जानकारी देते हुए कहा कि इसके अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाएँ सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। टेली-मानस के माध्यम से प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा 24 घंटे, पूर्ण गोपनीयता के साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति—चाहे वह विद्यार्थी हो, अभिभावक हो या सामान्य नागरिक—को मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद या किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या का अनुभव हो, तो वह टेली-मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 अथवा 1800-891-4416 पर संपर्क कर परामर्श प्राप्त कर सकता है। संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री राजू राणा ने सभी विद्यालयों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों को भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जनकल्याणकारी सेवा का लाभ उठा सकें और एक स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक समाज का निर्माण हो सके।



