
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म विनज़ो से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत ईडी ने मेसर्स विन्ज़ो प्राइवेट लिमिटेड की अकाउंटिंग फर्म के कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। यह कंपनी विनज़ो ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग सेवाएं संचालित करती है। केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी।
तलाशी के दौरान 192 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित कमाई फ्रीज
ईडी ने तलाशी के दौरान विनज़ो की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी मेसर्स ज़ो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित करीब 192 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित कमाई को फ्रीज कर दिया। पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। यह कार्रवाई 18 नवंबर 2025 को विनज़ो के कार्यालय और कंपनी के निदेशक के आवासीय परिसरों में हुई पिछली तलाशी के बाद की गई है।
रियल-मनी गेम्स में हेरफेर के आरोप
ईडी के अनुसार, पहले की तलाशी में मिले सबूतों से संकेत मिला था कि विनज़ो कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थी। जांच में सामने आया कि कंपनी रियल-मनी गेम्स के नतीजों में कथित रूप से हेरफेर कर रही थी। आरोप है कि उपयोगकर्ताओं को BOTs, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या मालिकाना एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर के खिलाफ खेलने के लिए मजबूर किया गया, जबकि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि वे असली खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं खेल रहे हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं के वॉलेट से पैसे निकालने पर भी कथित रूप से अनुचित प्रतिबंध लगाए गए।
करीब 802 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का दावा
ईडी के आधिकारिक बयान के मुताबिक, मेसर्स विनज़ो प्राइवेट लिमिटेड ने अपने विनज़ो ऐप के जरिए कथित अवैध संचालन से लगभग 802 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित कमाई की। यह रकम BOTs और असली खिलाड़ियों के बीच खेले गए मैचों से वसूले गए तथाकथित रेक कमीशन के रूप में बताई गई है। जांच एजेंसी का अनुमान है कि मई 2024 से अगस्त 2025 के बीच कंपनी ने करीब 177 करोड़ रुपये और अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 के बीच लगभग 557 करोड़ रुपये की कमाई की।
सरकारी प्रतिबंध के बावजूद 43 करोड़ रुपये रोके रखने का आरोप
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी कंपनी ने उपयोगकर्ताओं के लगभग 43 करोड़ रुपये अपने पास रोके रखे। इसके साथ ही, जांच में यह भी सामने आया है कि इन फंड्स का एक हिस्सा कथित तौर पर निवेश के नाम पर विदेश भेजा गया।
अमेरिका और सिंगापुर तक फंड ट्रांसफर की जांच
वित्तीय जांच एजेंसी के अनुसार, लगभग 54 मिलियन अमेरिकी डॉलर “विंज़ो यूएस इंक.” नाम की एक शेल कंपनी के खाते में अमेरिका के एक बैंक में जमा कराए गए, जबकि सभी ऑपरेशन और अकाउंट मैनेजमेंट भारत से ही संचालित हो रहे थे। इसी तरह के तरीकों से सिंगापुर में भी फंड ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। ईडी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फंड के प्रवाह का पता लगाने, अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान करने और लेनदेन से जुड़े लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे विदेशी संपत्तियों को अटैच करने सहित और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।




