
मुंबई। विकास कार्यों के दौरान मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना आवश्यक होता है। ‘बांद्रा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत बांद्रा पूर्व के गौतम नगर क्षेत्र में कई परिवारों का अपने घर का सपना पूरा हो रहा है, ऐसा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री एड. आशिष शेलार ने कहा। झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के तहत पुनर्वसित किए जा रहे निवासियों को उनके नए घरों के करार पत्र वितरित करने का कार्यक्रम मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया। पालकमंत्री शेलार ने इस अवसर पर 10 लाभार्थियों को उनके घर के करार पत्र सौंपे। इस दौरान मुंबई उपनगर जिले के जिलाधिकारी राजेंद्र क्षीरसागर, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। पालकमंत्री शेलार ने बताया कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृहनिर्माण मंत्री और संबंधित अधिकारियों के सहयोग से यह परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गणेश उत्सव से पहले निवासियों को उनके नए घरों में प्रवेश मिल सके, इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बांद्रा पूर्व में 30.16 एकड़ सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन उच्च न्यायालय को सौंपने का निर्णय लिया गया है। झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) ने सरकारी प्रयासों के तहत 144 आवासीय इकाइयाँ प्राप्त की हैं, जिनमें ओम साई कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से 77 और बालाजी शॉपकीपर्स एसोसिएशन से 67 इकाइयाँ शामिल हैं। हालांकि, इन आवासीय इकाइयों को पूरा होने में छह से नौ महीने का समय लग सकता है, इसलिए 100 पात्र झोपड़ीधारकों को अपने खर्चे पर वैकल्पिक रहने की व्यवस्था करनी होगी। इस शर्त को ध्यान में रखते हुए पात्र झोपड़ीधारकों के साथ करार किए गए हैं।