
झांसी, उत्तर प्रदेश। संघर्ष सेवा समिति जनपद और आसपास के नागरिकों के लिए आशा की किरण बनकर उभर रही है। असहायों और पीड़ितों की सहायता के उद्देश्य से कार्यरत इस संस्था ने एक और नेक कार्य कर मानवता की मिसाल पेश की है। जनपद के बड़ागांव गेट बाहर निवासी पूनम रायकवार अपनी बेटी तनु रायकवार के साथ संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पहुंचीं। पूनम के पति रामेश्वर प्रसाद टैक्सी चालक हैं, जबकि वह स्वयं एक प्राइवेट जॉब करती हैं। पारिवारिक कलह के चलते तनु अपनी मां के साथ रहती है, और सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उसकी शिक्षा में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। समिति की सक्रिय सदस्य कुसुम साहू तनु और उसकी मां को संघर्ष सेवा समिति कार्यालय लेकर आईं। समिति के संस्थापक डॉ. संदीप ने अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित एसपीडीपी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य शरद गुप्ता से इस विषय में चर्चा की। शरद गुप्ता ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तनु की स्कूल फीस में छूट देने का आश्वासन दिया। साथ ही, वंदना बुक डिपो के संचालक बबलू गुप्ता ने तनु की शिक्षा हेतु पूरा कोर्स निशुल्क प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. संदीप ने कहा, “शिक्षा ही एकमात्र ऐसा साधन है जो हमें निम्न स्तर से उच्च स्तर की ओर ले जा सकता है। आर्थिक बाधाओं के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह हमारा प्रयास है।”
तनु की सहायता के लिए शरद गुप्ता और बबलू गुप्ता का योगदान अत्यंत प्रशंसनीय रहा। संघर्ष सेवा समिति ने उनके इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सतनाम सिंह (काके), छत्रपाल राजपूत, ओमकार सचान, संदीप नामदेव, कुसुम साहू, भावना अग्रवाल, महेंद्र रायकवार, अरुण पांचाल, आशीष विश्वकर्मा, राजू सेन, बसंत गुप्ता, सुशांत गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संघर्ष सेवा समिति द्वारा उठाया गया यह कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।




