
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के एक्ज़िट पोल के मुताबिक, मुंबई में 25 वर्षों से चली आ रही ठाकरे परिवार की सत्ता को चुनौती देने में भाजपा को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। अधिकांश एक्ज़िट पोल में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना को 100 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं पहली बार एक साथ चुनाव लड़ रहे ठाकरे बंधुओं को मुंबई में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने का संकेत मिला है। एक्ज़िट पोल के आंकड़ों के अनुसार, एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति को 138 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि ठाकरे बंधुओं की युति को 58 से 65 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस और वंचित आघाड़ी को 12 से 16 सीटों के बीच रहने की संभावना जताई गई है। जेडीएस (जेडीएस) के एक्ज़िट पोल में महायुति को 127 से 154 सीटें और ठाकरे बंधु युति को 44 से 64 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस-वंचित आघाड़ी को 16 से 25 सीटें मिल सकती हैं। जेवीसी (जेवीसी) संस्था के अनुसार भाजपा को 97 से 108, शिंदे गुट को 32 से 38, उद्धव ठाकरे गुट को 52 से 59, मनसे को 2 से 5 और कांग्रेस को 21 से 25 सीटें मिल सकती हैं। वहीं जेडीएस के एक अन्य सर्वे में मनसे को मुंबई में 0 से 6 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। पीआरएबी संस्था के एक्ज़िट पोल में पुणे में मनसे को एक भी सीट नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। मनसे के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पार्टी ने अब तक सभी चुनाव स्वबळ पर लड़े थे। मुंबई में 2012 में मनसे को 28 और 2017 में 7 सीटें मिली थीं, जबकि पुणे में 2012 में 29 और 2017 में सिर्फ 2 सीटें हासिल हुई थीं। इस बार उद्धव ठाकरे के साथ युति के बावजूद मनसे के खाते में बड़ी सफलता आती नहीं दिख रही है। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि उद्धव ठाकरे के साथ युति करने के बाद राज ठाकरे को अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। एक्ज़िट पोल के अनुमान इस भविष्यवाणी को सही ठहराते नजर आ रहे हैं। हालांकि, मनसे और अन्य दलों का वास्तविक प्रदर्शन क्या रहेगा, इसका फैसला अंतिम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।




